मुरैना. "मुख्यमंत्री जी! आप सारे दिन बोलते रहते हो 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', पर रोड ही नहीं होगी तो बेटी कैसे पढ़ेगी?"—यह तीखे और बेबाक सवाल मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की एक 7 साल की मासूम बच्ची के हैं, जिसका कीचड़ से भरी सड़क पर खड़े होकर बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जर्जर और बदहाल सड़क से परेशान इस बच्ची का आक्रोश सीधे राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर फूटा है|
रामरतन के पुरा गांव की बदहाली आई सामने
यह पूरा मामला मुरैना जिले की सिकरोडी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव रामरतन का पुरा का है। बारिश के मौसम में इस गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह से दलदल और जलभराव में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि एंबुलेंस और स्कूल बसें तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो चुका है।
'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के नारों पर उठे सवाल
बच्ची का यह मासूम लेकिन कड़ा विरोध स्थानीय प्रशासन और सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कच्ची होने के कारण गांव के बच्चे कई दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
बारिश के दिनों में अगर गांव में कोई बीमार पड़ जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो, तो उन्हें चारपाई या कंधों पर लादकर ले जाना पड़ता है।
नेताओं और पंचायत के चक्कर काटकर थक चुके हैं ग्रामीण
गांव वालों के अनुसार, उन्होंने इस कच्ची सड़क को पक्का बनवाने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच से लेकर क्षेत्रीय विधायक और सांसद तक से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
गौरतलब है कि मुरैना जिले में जर्जर सड़कों का मुद्दा नया नहीं है। करीब एक महीने पहले दिमनी विधानसभा के हवेली गांव में भी एक युवक ने बदहाल सड़क के विरोध में दंडवत यात्रा निकाली थी और तीन दिनों तक अनशन किया था। अब 7 साल की मासूम का यह तीखा वीडियो सरकार के बुनियादी विकास के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
