कानपुर नगर। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्र पत्रकारिता और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन® कानपुर मंडल इकाई की महत्वपूर्ण बैठक एम.ए. सोलंकी पब्लिक स्कूल, दलेल पुरवा, कानपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कानपुर मंडल अध्यक्ष मुकीम अहमद कुरैशी ने की।
बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए पत्रकारों के उत्पीड़न, धमकी, मारपीट, दबाव, कथित फर्जी मुकदमों और समाचार संकलन के दौरान आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण मिलना आवश्यक है, ताकि वे बिना दबाव के जनहित के मुद्दे सामने ला सकें।
शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
बैठक में यह मांग रखी गई कि समाचार संकलन या जनहित के मुद्दे उठाने के कारण किसी पत्रकार को धमकी, हिंसा, दबाव अथवा कानूनी उत्पीड़न का सामना करना पड़े तो उसकी शिकायत पर तत्काल और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
संगठन ने पत्रकारों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई और झूठे मुकदमों की शिकायतों के लिए प्रभावी निगरानी एवं शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता भी जताई।
स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
पत्रकार सुरक्षा कानून के साथ-साथ बैठक में पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आवास, पेंशन, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता, परिवारों के लिए चिकित्सा सुविधा तथा मान्यता और पहचान-पत्र की पारदर्शी व्यवस्था की मांग प्रमुख रही।
संगठन ने पत्रकार कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की भी मांग की।
डिजिटल मीडिया और छोटे समाचार संस्थानों पर भी चर्चा
बैठक में समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टल और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों की समस्याओं को भी उठाया गया। छोटे और मध्यम समाचार संस्थानों को विज्ञापन नीति में उचित अवसर देने, सरकारी योजनाओं की जानकारी पत्रकारों तक पहुंचाने और पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग रखी गई।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पत्रकारों का आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित होना भी जरूरी है।
“पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं”
कानपुर मंडल अध्यक्ष मुकीम अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनके लिए सम्मानजनक और भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाता रहेगा।
बैठक में अवध प्रदेश संरक्षक अश्विनी दीक्षित, अवध प्रदेश सचिव डॉ. टी.ए. लिम, शाहरुख वारसी, नाज़िम अली खान, अमित त्रिवेदी, जितेंद्र तिवारी, इरशाद सिद्दीकी, मनोज चड्ढा, मो. नफीस, हाजी कौसर सोलंकी, शीनू शाह सहित संगठन के पदाधिकारी और पत्रकार मौजूद रहे।
