गोहलपुर में वाहन हटाने को लेकर विवाद, 20 हजार रुपये मांगने का आरोप; थाने के बाहर धरने पर बैठे अधिवक्ता
अधिवक्ताओं ने रसीद मांगने पर इनकार और अभद्रता के आरोप लगाए; एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े
जबलपुर। गोहलपुर क्षेत्र में शुक्रवार को वाहन हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय गरमा गया, जब अधिवक्ताओं ने एक पुलिसकर्मी पर 20 हजार रुपये की कथित मांग करने का आरोप लगाया।
अधिवक्ताओं के अनुसार उनके साथी अधिवक्ता आशीष पटेल की गाड़ी मुख्य मार्ग के बाईपास पर तकनीकी खराबी अथवा डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई थी। इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरक्षक रंजीत कुमार यादव पर गाड़ी हटाने के नाम पर कथित रूप से 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्होंने कथित रूप से मांगी गई राशि को चालान के रूप में जमा करने की बात कही और उसकी रसीद मांगी, लेकिन रसीद देने से इनकार किए जाने का आरोप लगाया।
अधिवक्ताओं के मुताबिक इसके बाद वाहन की चाबी लेकर गाड़ी को नो-एंट्री क्षेत्र से हटाकर गोहलपुर थाने के बाहर खड़ा कर दिया गया। बाद में 5 हजार रुपये का चालान काटे जाने की बात सामने आई।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूरे मामले का विरोध किए जाने पर उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और अपशब्द कहे गए। इसके बाद मामला और तूल पकड़ गया तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता गोहलपुर थाने के बाहर एकत्र हो गए।
थाने के बाहर धरने पर बैठे अधिवक्ता
संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग
घटना से नाराज अधिवक्ता गोहलपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे।
धरने के दौरान जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान थाना प्रभारी रितेश पांडे और अधिवक्ताओं के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक भी हुई।
अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक उनकी शिकायत पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, उनका विरोध जारी रहेगा।
नोट : खबर में लगाए गए आरोप अधिवक्ताओं के कथन पर आधारित हैं। मामले में पुलिस पक्ष और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
