देश, प्रदेश, जिला, संभाग, तहसील, जिला और ग्राम स्तर पर संवाददाता चाहिए — संपर्क करें  |  डायरेक्टर, एडिटर इन चीफ — मोहम्मद असफाक आरिफ  |  शॉप - 1 दारुल उलूम मार्किट, मंडी मदार टेकरी, जबलपुर मध्य प्रदेश 482002  |  संपर्क: 9893230986

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग

 



जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में ऑन ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटना के विरोध में मंगलवार को डॉक्टरों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर डीन कार्यालय के सामने एकत्र हुए और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग में एक घायल मरीज को उपचार के लिए लाया गया। रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि मरीज के साथ आए 6 से 8 अटेंडर शराब के नशे में थे। जब डॉक्टरों ने उपचार के लिए मरीज की स्थिति और चोट से जुड़ी जानकारी मांगी तो अटेंडरों ने विवाद शुरू कर दिया और डॉक्टरों का वीडियो बनाने लगे।

कॉलर पकड़कर थप्पड़ और लात मारने का आरोप

रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. दीपक त्रिपाठी ने बताया कि वीडियो बनाने से मना करने पर एक डॉक्टर का कॉलर पकड़ लिया गया, थप्पड़ मारा गया तथा सीने पर लात से हमला किया गया। डॉक्टरों का यह भी आरोप है कि मौके पर मौजूद एक महिला डॉक्टर और दो जूनियर डॉक्टरों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।

10 दिनों में तीसरी घटना, डॉक्टरों में आक्रोश

रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि बीते 10 दिनों में डॉक्टरों के साथ अभद्रता और मारपीट की यह तीसरी घटना है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से डॉक्टरों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।

प्रति मरीज केवल दो अटेंडरों को मिले प्रवेश: डॉक्टर

बाल रोग विभाग (पीडियाट्रिक्स) के डॉ. राजेंद्र ने कहा कि अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा आरोपियों के खिलाफ संस्थागत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि अस्पताल में अनावश्यक भीड़ और विवाद रोकने के लिए प्रति मरीज अधिकतम दो अटेंडरों को ही प्रवेश देने की व्यवस्था लागू की जाए।

इमरजेंसी सेवाएं रहीं जारी

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह संचालित रखी गईं, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

अब तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर

उधर गढ़ा थाना पुलिस के अनुसार रात में निजी कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों के बीच विवाद की सूचना मिली थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
askari times
askari times
askari times