भारी वाहनों के बढ़ते दबाव और लगातार सड़क हादसों से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन, कई मार्गों पर घंटों बाधित रहा यातायात
जबलपुर | रेवांचल टाइम्स। शहपुरा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पाटन मार्ग पर बढ़े भारी वाहनों के दबाव और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में गुरुवार को पाटन चौराहे पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपने-अपने वाहन सड़क पर खड़े कर चक्काजाम कर दिया, जिससे जबलपुर-दमोह मार्ग सहित आसपास के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहपुरा पुल बंद होने के बाद बढ़ी परेशानी
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि करीब छह महीने पहले जबलपुर-भोपाल मार्ग स्थित शहपुरा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का आवागमन पाटन मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद से क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पाटन कस्बे में हर दिन जाम, धूल, प्रदूषण और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
फोरलेन परियोजना शुरू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जबलपुर-पाटन फोरलेन परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। इस संबंध में कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई।
18 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन को 18 अगस्त तक मांगों पर निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक फोरलेन निर्माण और भारी वाहनों की समस्या के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर यातायात बहाल कराया है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संबंधित अधिकारियों तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
