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ग्यारह दिन बाद भी प्रशासन का मौन, 12वें दिन भी जारी रहेगा क्रमिक अनशन


धारा 52 लगाने और कुलगुरु को हटाने की मांग को लेकर जनसमर्थन अभियान शुरू करने का ऐलान

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की 36 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से जारी क्रमिक अनशन का अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका है। प्रशासन की ओर से मांगों के निराकरण की दिशा में सार्थक पहल नहीं किए जाने के कारण कर्मचारी संघ ने सोमवार को 12वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। इस दिन कार्यकारिणी सदस्य श्री प्रकाश चौबे क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।

 कर्मचारी संघ अध्यक्ष श्री संजय यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में लगातार बिगड़ते हालात, कर्मचारियों एवं छात्रों की समस्याओं और बढ़ती अराजकता को लेकर अब व्यापक जनसमर्थन जुटाना आवश्यक हो गया है।

सोमवार से कर्मचारी संघ अध्यक्ष स्वयं अपने खून से हस्ताक्षर कराकर कर्मचारियों, छात्रों, बुद्धिजीवियों एवं शहर के आम नागरिकों से भी हस्ताक्षर करवाये जाएंगे। हस्ताक्षरित पत्र माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश एवं माननीय कुलाधिपति को प्रेषित कर विश्वविद्यालय में व्याप्त अराजकता की स्थिति में धारा 52 लागू करने तथा वर्तमान कुलगुरु को पद से हटाने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में बिगड़ती व्यवस्था, कर्मचारियों एवं छात्रों के साथ हो रहे कथित अन्याय और प्रशासनिक अव्यवस्था के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन एवं हस्ताक्षर अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित होगा।

श्री यादव ने कर्मचारियों, छात्रों, बुद्धिजीवियों, अभिभावकों तथा विश्वविद्यालय की वर्तमान परिस्थितियों से प्रभावित आम नागरिकों से अपील की कि वे सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचकर हस्ताक्षर अभियान में सहभागी बनें और विश्वविद्यालय की व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।

उन्होंने कहा कि 11 दिनों से कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसमें कर्मचारियों की पदोन्नति, 70 पदों की बहाली, अनुकंपा नियुक्ति, 2008 के कर्मचारियों को अन्तर्राशि का भुगतान, तकनीकी कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि एवं कर्मचारियों को समयमान वेतनमान आदि मुख्य मांगे हैं ,  लेकिन यदि प्रशासन अभी भी मौन रहता है तो आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारी संघ अपनी 36 सूत्रीय मांगों के निराकरण तक संघर्ष जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

कर्मचारी संघ ने एक बार फिर प्रशासन से आग्रह किया कि टकराव की स्थिति उत्पन्न करने के बजाय तत्काल मांगों के निराकरण की ठोस प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

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