जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जबलपुर में केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता से टेलीकॉम क्लस्टर एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि इससे जबलपुर को टेलीकॉम हब के रूप में विकसित करने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर लोकसभा सदस्य आशीष दुबे और विधायक अजय विश्नोई ने जन संगठनों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जबलपुर के जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही परियोजना को जल्द शुरू कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
मंच के डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने कहा कि जबलपुर में टेलीकॉम क्लस्टर की स्थापना शहर का हक है। इसे रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित किया जा सकता है, जहां टेलीकॉम रिछाई की करीब 35 एकड़ भूमि लंबे समय से खाली पड़ी है। इस भूमि का उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार परियोजना के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है, तो जबलपुर के लिए भी टेलीकॉम क्लस्टर का एमओयू किया जा सकता है। इससे क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. नाजपांडे के अनुसार प्रस्तावित क्लस्टर एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में राउटर, एंटेना, ऑप्टिकल फाइबर और चिप्स जैसे महत्वपूर्ण दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सकता है। जबलपुर रेल, सड़क और वायु मार्ग से देश के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है, जिससे तैयार उत्पादों के परिवहन और निर्यात को भी गति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर विनिर्माण बढ़ने से न केवल जबलपुर की औद्योगिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
चर्चा के दौरान रजत भार्गव, टी.के. रायघटक, डी.के. सिंह, संतोष श्रीवास्तव, यशवंत कोष्टा, डॉ. एम.एल.वी. राव, अशोक यादव और श्याम सोलंकी सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दिनांक : 19 अगस्त 2026
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