जबलपुर / मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ के समक्ष न्यायालय को बताया गया कि याचिकाकर्ता राम नरेश विश्वकर्मा फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के पद पर फॉरेस्ट रेंज शहडोल में पदस्थ हैं, जिनका स्थानांतरण उक्त स्थान से परिक्षेत्र दक्षिण समनापुर सामान्य वन मंडल डिंडोरी जिला डिंडोरी में किया है जो लगभग 200 किलोमीटर दूर है | याचिकाकर्ता के माता-पिता बीमार रहते हैं, जिनका इलाज जबलपुर में चल रहा है और उनके 24 वर्षीय पुत्र प्रांजल की एक किडनी खराब है जिनका 3/6/26 दिल्ली में किडनी बदली है, और किडनी पत्नी श्रीमती उमा ने दी दिया है, और वह भी ऑब्जरवेशन में दिल्ली में भर्ती हैं. ट्रांसफर के पहले श्री यचिकाकर्ता उक्त बीमारियों और घरू परेशानियों के कारण विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण का भी आवेदन पत्र के माध्यम से मांगा था, और शहडोल जिले में ही कुछ जगह खाली है, उसको भी लिखा था मेरे स्वैच्छिक स्थानांतरण वन परिक्षेत्र खनौदी गोहपारू /जैतपुर/ वन मंडल उत्तर शहडोल में वन परिक्षेत्र जयसिंहनगर में स्थानांतरण करने की कृपा की जावे! इसके बाद भी याचिकाकर्ता के आवेदन पर कोई विचार ना करते हुए शहडोल जिला शहडोल से समनापुर जिला डिंडोरी नहीं किया गया है ,याचिकाकर्ता संघ का पदाधिकारी भी है इस पर भी विचार नहीं किया गया जो शासन की स्थानांतरण नीति का खुला उल्लंघन एवं अवैधानिक, है न्यायालय ने उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए याचिका कर्ता वन क्षेत्रपाल के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दिया और 30 दिन के अंदर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के निर्देश देते हुए याचिका का निराकरण किया गया |
उच्च न्यायालय द्वारा वन क्षेत्रपाल के तबादले पर रोक
byEditor In Chief- मो.अशफाक आरिफ़
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