मध्य प्रदेश के ट्रक ऑपरेटर सरकार से खफा

ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर प्रणाली बनी भारी मुसीबत


जबलपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी परिवहन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नरिंदर सिंह पांधे ने कहा कि वर्तमान समय में ट्रक व्यवसाय पहले से ही कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। डीज़ल की बढ़ती कीमतें, टोल टैक्स, बीमा, किस्तें, चालान और कम होता भाड़ा ट्रक ऑपरेटरों की कमर तोड़ रहे हैं।

इसी बीच सरकार द्वारा लागू की गई ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर प्रणाली ट्रक मालिकों के लिए एक नई और बड़ी परेशानी बन गई है। इन सेंटरों पर मनमाने तरीके से ट्रकों को फेल किया जा रहा है, जबकि वाहन पूरी तरह चालू और सड़क योग्य होते हैं। छोटे-छोटे तकनीकी कारण बताकर ट्रकों को रोक दिया जाता है, जिससे ट्रक कई-कई दिनों तक खड़े रहते हैं और ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

श्री पांधे ने कहा कि पहले सरकारी फिटनेस व्यवस्था में कम खर्च और पारदर्शिता थी, लेकिन अब निजी ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटरों में अत्यधिक शुल्क, समय की बर्बादी और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। इससे छोटे और मध्यम ट्रक मालिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि

ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर प्रणाली की तुरंत समीक्षा की जाए। फिटनेस शुल्क कम किया जाए पुराने सरकारी फिटनेस सिस्टम को दोबारा लागू किया जाए या ट्रक ऑपरेटरों को विकल्प दिया जाए। मनमानी और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण किया जाए

यदि सरकार ने समय रहते ट्रक ऑपरेटरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो मजबूर होकर ट्रक व्यवसायी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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