जबलपुर। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आयुष छात्रों ने शुक्रवार को कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज से झंडा चौक तक निकाले गए इस मार्च में करीब 150 से 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कैंडल मार्च के समापन पर छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड मौजूदा महंगाई और पढ़ाई-प्रशिक्षण से जुड़े खर्चों के मुकाबले बेहद कम है।
9,383 से बढ़ाकर 21,500 रुपये करने की मांग
छात्रों के अनुसार उन्हें फिलहाल 9,383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि इसे बढ़ाकर MBBS छात्रों के बराबर 21,500 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि आयुष और एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान अस्पताल सेवाओं से जुड़े दायित्व निभाने पड़ते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड के स्तर में बड़ा अंतर उचित नहीं है।
खर्च निकालना मुश्किल, पढ़ाई पर पड़ रहा असर
छात्रों का कहना है कि कम मानदेय के कारण रहने, भोजन और पढ़ाई से जुड़े खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। यदि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जाती है तो उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और वे प्रशिक्षण तथा पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं। यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ABVP ने दिया समर्थन
छात्रों के मुताबिक उनकी मांग को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का समर्थन मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
