नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के एक पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वीडियो में तत्कालीन ईस्ट दिल्ली डीसीपी अभिषेक धानिया एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ‘साहब’ कहते सुनाई देते हैं। यह वीडियो मूल रूप से अगस्त 2025 में वायरल हुआ था।
उस समय डीसीपी अभिषेक धानिया ने स्पष्ट किया था कि ‘साहब’ शब्द का इस्तेमाल अनजाने में हुआ और यह स्लिप ऑफ टंग थी। उन्होंने कहा था कि हाल ही में अपने एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ओमबीर बिश्नोई से मुलाकात के कारण नाम बोलते समय यह गलती हुई।
दिपके ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार का मुद्दा उठाया
दिपके ने वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस कुख्यात अपराधियों के लिए सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई देती है, जबकि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ उसका रवैया अलग रहता है। यह दिपके की राजनीतिक टिप्पणी है और इसे पुलिस के आधिकारिक रुख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग के बाद फिर चर्चा में आया लॉरेंस गैंग
वीडियो ऐसे समय फिर चर्चा में आया है जब मुंबई के जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम सामने आए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो में हमले की जिम्मेदारी लेने तथा सलमान खान और उनके साथ काम करने वालों को धमकी देने के दावे किए गए हैं। पुलिस इन दावों की सत्यता और हमले के वास्तविक सूत्रधार की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया दावे की जांच जारी
रिपोर्टों के मुताबिक अनिल पंडित के नाम से सामने आए संदेश में टाइगर श्रॉफ को पहले चेतावनी देने का दावा किया गया और फिल्म उद्योग से जुड़े अन्य लोगों को भी धमकी दी गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां पोस्ट तथा ऑडियो के स्रोत की पड़ताल कर रही हैं।
