जबलपुर। वर्ष 2011 में फरियादी अब्दुल शफीक चौधरी एवं उनके पुत्रों के साथ घर में घुसकर तलवार, बेसबॉल बैट एवं डंडों से हमला करने के मामले में अपील न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। विचारण न्यायालय द्वारा चारों आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के निर्णय को अपील न्यायालय ने पलटते हुए उन्हें दोषसिद्ध करार दिया तथा विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजाएं सुनाईं। इस प्रकरण में अधिकतम एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई तथा आरोपियों को जेल भेजा गया। वर्ष 2011 में इसरार, मुबीन, फिरोज और आज़ाद के द्वारा फरियादी अब्दुल शफीक चौधरी एवं उनके पुत्रों के साथ घर में घुसकर हमला किया था। इस घटना में फरियादी एवं उनके पुत्रों को गंभीर चोटें आई थीं। घटना के संबंध में थाना हनुमानताल में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विचारण न्यायालय ने निर्णय पारित करते हुए 18 अगस्त 2023 को चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। इस निर्णय के विरुद्ध फरियादी पक्ष की ओर से दशम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई थी।
अपील पर सुनवाई के उपरांत अपर सत्र न्यायाधीश ने विचारण न्यायालय के दोषमुक्ति संबंधी निर्णय को परिवर्तित करते हुए चारों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया। अपील में फरियादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद फिरोज अंसारी ने पैरवी की।
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