जबलपुर। शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने निकले कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने दोपहर में तीन पत्ती चौराहे पर अचानक अपना वाहन रुकवाया और वहां मौजूद ऑटो रिक्शा चालकों के बीच पहुंच गए। कलेक्टर ने चालकों से सीधे बातचीत कर उनकी रोजमर्रा की परेशानियां, कमाई और कामकाज की स्थिति जानी।
इस दौरान उन्होंने ऑटो चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, सड़क सुरक्षा का ध्यान रखने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में सहयोग देने की अपील की।
चालकों से पूछा—कितनी कमाई, क्या हैं मुश्किलें
कलेक्टर ने ऑटो चालकों से उनके दैनिक कामकाज और आमदनी के बारे में जानकारी ली। साथ ही यह भी पूछा कि शहर में वाहन चलाते समय उन्हें किन प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस संवाद के दौरान चालकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर भी चर्चा हुई।
आंखों और स्वास्थ्य की होगी जांच
कलेक्टर ने ऑटो चालकों के लिए स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित कराने की बात कही। दिनभर सड़क पर वाहन चलाने वाले चालकों के लिए नियमित आंखों की जांच को सड़क सुरक्षा से भी महत्वपूर्ण माना गया।
प्रशासन की योजना है कि विशेष चिकित्सा शिविर के माध्यम से चालकों की दृष्टि और सामान्य स्वास्थ्य की जांच कराई जाए।
संबल सहित योजनाओं से जोड़ने की पहल
कलेक्टर ने ऑटो चालकों को संबल योजना सहित अन्य श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष कैंप लगाने की भी बात कही।
इसके माध्यम से पात्र चालकों का पंजीयन कर उन्हें शासन की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और हितग्राही योजनाओं की जानकारी तथा लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
यातायात सुधार में सहयोग की अपील
कलेक्टर ने चालकों से कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में ऑटो चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़ा करने, यातायात नियमों का पालन करने और यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखने पर जोर दिया।
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