भोपाल। दीपावली से पहले मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों की जांच के बीच पतंजलि के गाय के घी के एक विशेष बैच को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा लिए गए 200 एमएल पतंजलि Cow’s Ghee के नमूने को प्रयोगशाला जांच में ‘असुरक्षित’ घोषित किए जाने के बाद संबंधित बैच को बाजार से वापस मंगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
कार्रवाई केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है। संबंधित बैच जहां-जहां भेजा गया है, वहां उसकी बिक्री और आपूर्ति रोकने तथा स्टॉक वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।
तामिया की दुकान से 10 अगस्त को लिया था नमूना
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 10 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र के देलाखारी स्थित अनिल किराना से पतंजलि गाय के घी का 200 एमएल पैक जांच के लिए लिया था। नमूना बैच नंबर FAWB260017 का था। संबंधित बैच का निर्माण अप्रैल 2026 में हुआ था और उस पर दिसंबर 2026 तक की उपयोग अवधि अंकित थी।
जांच में निर्धारित सीमा से ज्यादा सीसा मिलने की रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रयोगशाला जांच में नमूने में सीसे की मात्रा निर्धारित सीमा से करीब पांच गुना अधिक पाई गई। रिपोर्ट में अधिकतम स्वीकार्य सीमा 0.02 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम बताई गई, जबकि नमूने में 0.10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम सीसा मिलने की बात कही गई है।
इसी आधार पर खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत नमूने को असुरक्षित घोषित किया गया और संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई।
पूरे प्रदेश से वापस लिया जाएगा संबंधित बैच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बैच नंबर FAWB260017 का स्टॉक मध्य प्रदेश के बाजारों में जहां भी उपलब्ध हो, उसे तत्काल बिक्री से हटाया जाए। संबंधित उत्पाद मिलने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मामले की जानकारी संबंधित अन्य राज्यों और खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण तक भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
सिर्फ इसी बैच पर कार्रवाई
महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल कार्रवाई पतंजलि गाय के घी के इसी विशेष बैच से संबंधित है। इसे पूरे ब्रांड या उसके सभी घी उत्पादों पर प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
त्योहारी सीजन में दूध, मावा, पनीर और घी जैसे खाद्य उत्पादों की जांच पहले से तेज की गई है और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार नमूने लिए जा रहे हैं।
