जबलपुर/डिंडौरी। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में गर्भवती महिला अनीता और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद डिंडौरी में परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार शाम करीब 4 बजे परिजन और रिश्तेदार जिला अस्पताल के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गए।
परिजनों की मांग थी कि महिला और नवजात के शव जबलपुर से डिंडौरी लाए जाएं। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, तहसीलदार, सीएमएचओ सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम भी वहां पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।
हालत बिगड़ने पर जबलपुर किया गया था रेफर
प्राप्त जानकारी के अनुसार गर्भवती अनीता की तबीयत बिगड़ने पर उसे डिंडौरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने हालत को देखते हुए देर रात उसे जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर किया।
मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान अनीता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में आक्रोश फैल गया।
शव डिंडौरी लाने की मांग पर अड़े परिजन
परिजनों ने डिंडौरी जिला अस्पताल के सामने धरना देते हुए मांग की कि दोनों शवों को डिंडौरी लाया जाए, ताकि यहीं अंतिम संस्कार किया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि महिला के नवविवाहिता होने के कारण मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत मर्ग जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई जबलपुर में की जानी है। इस प्रक्रिया में मायके पक्ष के लोगों की मौजूदगी भी आवश्यक बताई गई।
विधायक और अधिकारियों की समझाइश के बाद माने
शुरुआत में परिजन जबलपुर जाने के लिए तैयार नहीं थे। प्रशासन द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने के बावजूद वे अपनी मांग पर अड़े रहे।
बाद में विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार से चर्चा की। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद परिजन एंबुलेंस से जबलपुर के लिए रवाना हुए।
