जबलपुर। ईदगाह कलाँ, रानीताल में शनिवार से दो दिवसीय उर्स सलामी, बुरहानी एवं मेहमूदी का आयोजन किया जा रहा है। उर्स की सरपरस्ती मुफ्ती-ए-आजम मध्यप्रदेश हज़रत मौलाना डॉ. मुशाहिद रज़ा कादरी बुरहानी करेंगे।
नायब मुफ्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश एवं आस्ताना-ए-आलिया करीमिया सलामिया बुरहानिया के नायब सज्जादानशीन हज़रत सूफी ज़ियाउल हक कादरी के अनुसार, शनिवार को नमाज-ए-मगरिब के बाद महफिल-ए-मिलाद शरीफ का आयोजन होगा।
रविवार, 25 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे हजरत मौलाना इनामुल हक कादरी बुरहानी की कयादत में आगा चौक से चादर जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस प्रमुख मार्गों से होता हुआ रानीताल ईदगाह पहुंचेगा। यहां नमाज़-ए-अस्र के बाद मज़ार शरीफ पर चादरपोशी एवं गुलपोशी की रस्म अदा की जाएगी।
नमाज-ए-मगरिब के बाद हज़रत बुरहान-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा एवं हज़रत मेहमूद-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा के कुल शरीफ और हज़रत हामिद-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा की सालाना नियाज़ का एहतेमाम किया जाएगा। इसके बाद नमाज़-ए-ईशा के उपरांत 9:30 बजे एक अज़ीमुश्शान जलसे का आयोजन होगा, जिसमें देश के नामवर उलेमा एंव मशाइख-ए-किराम शिरकत कर अपनी तकरीर पेश करेंगे।
नमाज-ए-फज्र के बाद हुज़ूर ईदुल इस्लाम रहमतुल्लाह अलैह के कुल शरीफ का एहतेमाम किया जाएगा। इसके बाद सलातो-सलाम और दुआ के साथ उर्स का समापन होगा। तमाम अकीदतमंदों से उर्स मुबारक में शिरकत कर बुजुर्गों के फैज़ान से लाभान्वित होने की अपील की है।
