कटनी नगर निगम का बाबू 20 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा, बैंक लोन की NOC के लिए मांगे थे 25 हजार
संपदा शाखा के लिपिक आलोक गर्ग पर रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत के सत्यापन के बाद जबलपुर लोकायुक्त ने किया ट्रैप
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ लिपिक आलोक गर्ग को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।
आरोप है कि लिपिक ने ट्रांसपोर्ट नगर पुरैनी में आवंटित भूखंड पर निर्माण के लिए बैंक से ऋण लेने संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।
कार्रवाई का स्थान: कटनी, मध्य प्रदेश
तारीख: 23 अक्टूबर 2026
आरोपित कर्मचारी: आलोक गर्ग
पद: लिपिक, संपदा शाखा, नगर निगम कटनी
शिकायतकर्ता: अशोक कनकने
मांगी गई राशि: ₹25,000
ट्रैप राशि: ₹20,000
कार्रवाई करने वाली एजेंसी: लोकायुक्त जबलपुर
ट्रांसपोर्ट नगर के प्लॉट पर निर्माण के लिए चाहिए था बैंक लोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्टर अशोक कनकने को कटनी के ट्रांसपोर्ट नगर पुरैनी में प्लॉट नंबर 137 आवंटित है। इस भूखंड पर निर्माण कार्य कराने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेने का आवेदन किया था।
ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में बैंक प्रबंधन ने नगर निगम से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की थी। इसी एनओसी को प्राप्त करने के लिए अशोक कनकने ने नगर निगम की संपदा शाखा में संपर्क किया।
एनओसी जारी करने के बदले 25 हजार रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ लिपिक आलोक गर्ग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
कथित रिश्वत की मांग से परेशान होकर अशोक कनकने ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया।
लोकायुक्त को दी गई शिकायत के अनुसार एनओसी जारी करने के लिए 25 हजार रुपये मांगे गए थे। शिकायत के सत्यापन के बाद की गई कार्रवाई में 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए लिपिक आलोक गर्ग को पकड़ा गया।
लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर की कार्रवाई
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने आरोपित कर्मचारी को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।
शुक्रवार को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता अशोक कनकने आरोपित लिपिक आलोक गर्ग को 20 हजार रुपये देने पहुंचे।
जैसे ही लिपिक ने कथित रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
इसके बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की।
सिविल लाइन रेस्ट हाउस ले जाकर की वैधानिक कार्रवाई
ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपित लिपिक आलोक गर्ग को सिविल लाइन स्थित रेस्ट हाउस ले जाया गया।
वहां लोकायुक्त टीम द्वारा मामले से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त टीम रिश्वत की मांग, लेन-देन और शिकायत से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
नगर निगम की एनओसी प्रक्रिया से जुड़ा है पूरा मामला
यह प्रकरण नगर निगम से जारी होने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र से जुड़ा है, जिसकी आवश्यकता शिकायतकर्ता को बैंक ऋण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए थी।
शिकायत के अनुसार इसी दस्तावेज को जारी कराने के दौरान कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई।
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद अब जांच में उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका का परीक्षण किया जाएगा।
कटनी नगर निगम के लिपिक आलोक गर्ग को एनओसी के बदले 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद लोकायुक्त की वैधानिक कार्रवाई जारी है। मामले में अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित होगी।
