गढ़ा के के.जी. बोस नगर स्थित अस्पताल परिसर की घटना, पीड़ित ने डॉक्टर पर दबाव और धमकी देने के लगाए आरोप
जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र के के.जी. बोस नगर स्थित डॉ. मुखर्जी अस्पताल में रविवार को मकान खाली कराने को लेकर चल रहा विवाद हिंसक हो गया। अस्पताल परिसर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में रहने वाले 26 वर्षीय दीपक बेन पर कुछ लोगों ने कथित रूप से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दीपक को गढ़ा पुलिस ने उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
नानी ने 40 साल की सेवा की, रहने के लिए मिला था कमरा
अस्पताल में उपचाररत दीपक बेन ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसके अनुसार उसकी नानी करीब 40 वर्षों से डॉ. मुखर्जी के यहां काम करती रही हैं। दीपक का दावा है कि लंबे समय तक सेवा करने के कारण उसकी नानी को अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर रहने के लिए एक कमरा दिया गया था और भविष्य में अलग मकान बनाकर देने की बात भी कही गई थी।
एक साल से कमरा खाली कराने का दबाव लगाने का आरोप
दीपक ने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक वर्ष से उनसे कमरा खाली कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। जब परिवार ने वर्षों की सेवा और पूर्व में किए गए कथित वादे का हवाला दिया तो विवाद बढ़ गया। पीड़ित का आरोप है कि कमरा खाली नहीं करने पर सामान बाहर फिंकवाने और लोगों को भेजकर मारपीट कराने की धमकी भी दी गई थी।
कमरे में घुसे लोगों ने सामान फेंका, विरोध पर हमला
पीड़ित के मुताबिक रविवार को बड़ी ओमती निवासी बाबा भाईजान अपने कुछ साथियों के साथ कमरे में पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए सामान बाहर फेंकने लगे। दीपक ने इसका विरोध करते हुए पहले डॉक्टर से बात करने की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ा और हमलावरों ने दीपक के साथ गंभीर मारपीट कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से चले गए।
सूचना मिलने पर गढ़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भिजवाया। पुलिस मामले से जुड़े बयान और घटनाक्रम की जांच कर रही है। पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं; संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
