जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक वन संसाधन अधिकार से संबंधित लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए सभी जिला कलेक्टरों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा द्वारा 1 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा गया है कि 30 सितंबर 2026 को हुई वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक वन संसाधन अधिकार संबंधी लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में इनके निराकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिलों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों को 20 अक्टूबर 2026 के पूर्व निराकृत किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं की बैठक के एजेंडे में इसे अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। साथ ही ग्रामवासियों के बीच सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों के संबंध में जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार करते हुए लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में सामुदायिक वन अधिकार के एजेंडे को शामिल करना अनिवार्य
byEditor In Chief- मो.अशफाक आरिफ़
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