देश, प्रदेश, जिला, संभाग, तहसील, जिला और ग्राम स्तर पर संवाददाता चाहिए — संपर्क करें  |  डायरेक्टर, एडिटर इन चीफ — मोहम्मद असफाक आरिफ  |  शॉप - 1 दारुल उलूम मार्किट, मंडी मदार टेकरी, जबलपुर मध्य प्रदेश 482002  |  संपर्क: 9893230986

काउंसलिंग कोर्स का बढ़ा क्रेज, 60 सीटें फुल होने के बाद 20 और बढ़ीं

जबलपुर

कौशल विकास संस्थान के काउंसलिंग पाठ्यक्रम में बढ़ीं 20 सीटें, अब 80 विद्यार्थियों को मिलेगा मौका

पीजी डिप्लोमा गाइडेंस इन काउंसलिंग की सभी 60 सीटें भरने के बाद भी प्रवेश की मांग जारी; कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने 20 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की दी जानकारी

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कौशल विकास संस्थान द्वारा संचालित पीजी डिप्लोमा गाइडेंस इन काउंसलिंग पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों के बढ़ते रुझान को देखते हुए 20 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं। संस्थान में पहले निर्धारित सभी 60 सीटें भर चुकी हैं। इसके बावजूद पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं की लगातार मांग को देखते हुए सीटों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

60 सीटें फुल, अब 20 अतिरिक्त सीटों पर मिलेगा प्रवेश

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि पाठ्यक्रम की सभी 60 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक हैं। विद्यार्थियों की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए 20 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं। इससे अब पाठ्यक्रम में सीटों की कुल संख्या 80 हो जाएगी।

रोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं से बढ़ा रुझान
संस्थान के अनुसार काउंसलिंग के क्षेत्र में रोजगार के साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं के कारण विद्यार्थियों में इस पाठ्यक्रम के प्रति रुचि बढ़ रही है।

किताबी पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल अनुभव पर भी जोर

साइकोलॉजिस्ट डॉ. मीनल दुबे और डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि गाइडेंस एवं काउंसलिंग के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है।

विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल अनुभव दिलाने के लिए सेंट्रल जेल, वृद्धाश्रम सहित विभिन्न संस्थानों का विजिट कराया जाता है। इन विजिट के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अलग-अलग परिस्थितियों में काउंसलिंग की जरूरत, व्यवहार और व्यावहारिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।

काउंसलिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर

वर्तमान दौर में शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं और अन्य क्षेत्रों में मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग की जरूरत बढ़ने के साथ प्रशिक्षित युवाओं के लिए नए अवसर भी सामने आ रहे हैं। विश्वविद्यालय में इस पाठ्यक्रम की सीटें पूरी भरने और अतिरिक्त सीटों की जरूरत पड़ने को विद्यार्थियों की बढ़ती दिलचस्पी के रूप में देखा जा रहा है।

60 सीटें भरने के बाद 20 और बढ़ीं — काउंसलिंग पाठ्यक्रम में अब कुल 80 सीटें

Post a Comment

Previous Post Next Post
askari times
askari times
askari times