कौशल विकास संस्थान के काउंसलिंग पाठ्यक्रम में बढ़ीं 20 सीटें, अब 80 विद्यार्थियों को मिलेगा मौका
पीजी डिप्लोमा गाइडेंस इन काउंसलिंग की सभी 60 सीटें भरने के बाद भी प्रवेश की मांग जारी; कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने 20 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की दी जानकारी
60 सीटें फुल, अब 20 अतिरिक्त सीटों पर मिलेगा प्रवेश
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि पाठ्यक्रम की सभी 60 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक हैं। विद्यार्थियों की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए 20 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं। इससे अब पाठ्यक्रम में सीटों की कुल संख्या 80 हो जाएगी।
संस्थान के अनुसार काउंसलिंग के क्षेत्र में रोजगार के साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं के कारण विद्यार्थियों में इस पाठ्यक्रम के प्रति रुचि बढ़ रही है।
किताबी पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल अनुभव पर भी जोर
साइकोलॉजिस्ट डॉ. मीनल दुबे और डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि गाइडेंस एवं काउंसलिंग के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है।
विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल अनुभव दिलाने के लिए सेंट्रल जेल, वृद्धाश्रम सहित विभिन्न संस्थानों का विजिट कराया जाता है। इन विजिट के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अलग-अलग परिस्थितियों में काउंसलिंग की जरूरत, व्यवहार और व्यावहारिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।
काउंसलिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर
वर्तमान दौर में शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं और अन्य क्षेत्रों में मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग की जरूरत बढ़ने के साथ प्रशिक्षित युवाओं के लिए नए अवसर भी सामने आ रहे हैं। विश्वविद्यालय में इस पाठ्यक्रम की सीटें पूरी भरने और अतिरिक्त सीटों की जरूरत पड़ने को विद्यार्थियों की बढ़ती दिलचस्पी के रूप में देखा जा रहा है।
