वादों की याद दिलाने भाजपा नेताओं के दरवाजे पहुंच रही लक्ष्य जिला सिहोरा समिति
सिहोरा को जिला बनाने की मांग तेज, चुनाव पूर्व किए गए वादों को लेकर नेताओं से संपर्क अभियान
सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने भाजपा नेताओं को चुनाव पूर्व किए गए वादों की याद दिलाने का अभियान तेज कर दिया है।
समिति लगातार भाजपा के उन नेताओं से संपर्क कर रही है, जो सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा के समय मंच पर मौजूद रहे थे और जिन्होंने चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे को सुना था।
समिति का संदेश साफ है—सिहोरा को जिला बनाने का चुनावी वादा अब सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि सरकार स्तर पर ठोस पहल हो।
राजा मोर को सौंपा स्मरण पत्र
इसी क्रम में मंगलवार को समिति के सदस्य भाजपा प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य राजा मोर के बस स्टैंड स्थित आवास पहुंचे।
समिति ने राजा मोर को स्मरण पत्र सौंपते हुए सिहोरा को जिला बनाने के वादे को पूरा कराने के लिए राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करने की मांग की।
अब विधायक संतोष बरकड़े को सौंपा जाएगा स्मरण पत्र
समिति ने भाजपा नेताओं से संपर्क का अभियान आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। बुधवार को विधायक संतोष बरकड़े को स्मरण पत्र सौंपा जाएगा।
समिति चाहती है कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे को भाजपा नेता सरकार के सामने प्रभावी तरीके से रखें और सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में निर्णय कराया जाए।
जिला बनाने की मांग को लेकर अभियान तेज
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति लंबे समय से सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर सक्रिय है। समिति अब सीधे उन जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों तक पहुंच रही है, जिन्होंने चुनाव के दौरान जिला बनाने की घोषणा और वादे को सुना था।
आंदोलन समिति का जोर अब “वादे की याद” से आगे बढ़कर “वादे पर कार्रवाई” कराने पर है।
ये सदस्य रहे मौजूद
स्मरण पत्र सौंपने के दौरान समिति के अनिल जैन, संतोष पांडे, रामजी शुक्ला, आलोक जैन, कृष्ण कुमार कुररिया, प्रदीप दुबे, सुनील कुररिया, संजय पाठक, संतोष वर्मा, सुमित शुक्ला, मोहन सोंधिया, शरद सेठ, अनिल खंपरिया और राजभान मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा नेताओं को सौंपे जा रहे इन स्मरण पत्रों के बाद सिहोरा को जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार स्तर से कोई ठोस पहल होती है या यह मुद्दा एक बार फिर आश्वासनों तक सीमित रह जाता है।
