शहर में चल रहे कॉफी हाउस में आम लोगों की खुली लूट हो रही है। कॉफी ₹50 और डोसा ₹170 में मिल रहा है। थोक में मिलने वाली प्रति बोतल ₹7 की पानी की बोतल ₹15 में बेची जा रही है। पहले पानी का फिल्टर लाकर टेबल पर रखा जाता था, लेकिन अब उसकी जगह बिसलेरी लाकर रख दी जाती है।पूर्व लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश यादव जी ने भी इस लूट का मुद्दा उठाया था। यह सर्वविदित है कि लोगों को लूटा जा रहा है। प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया है कि किस आधार पर शहर के अंदर की कीमती जमीन इसे लीज पर दी गई है। इसे वर्ग फीट के आधार पर किराए पर लिया जाना चाहिए या किराए पर दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, हर कॉफी हाउस में छात्र-छात्राओं के लिए संचालक द्वारा एक लाइब्रेरी भी खोली जानी चाहिए।आजकल सामाजिक संस्थाएं तो इन मुद्दों को उठाती हैं, और छोटे अखबार व पत्रकार भी इन आवाजों को बुलंद कर रहे हैं। मगर बड़े अखबार और मीडिया घराने इन मुद्दों को दबा देते हैं या इसका अनुचित लाभ लेकर, जिसके खिलाफ जनता है, उससे लाखों रुपये लेकर फायदा उठाते हैं। उन्हें जनहित की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है, उनका काम बस अपना स्वार्थ सिद्ध करना है। वे सोचते हैं कि 'भाड़ में जाए जनता'।
हम आदरणीय मुख्यमंत्री जी से मांग करते हैं कि इस ओर ध्यान दें। यह जिला ज्ञापन कलेक्ट्रेट के माध्यम से प्रकाशित/प्रेषित किया गया है।— मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद, जिला अध्यक्ष: डॉ मुईन अंसारी
