जबलपुर। पुलिस ने फरार चल रहे 3 हजार रुपए के इनामी चंद्रशेखर चौबे (75 वर्ष) को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर जमीन पर कथित रूप से जबरन कब्जा कर मकान बनाने और आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे जबलपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
शेख आदिल की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था नाम
एएसपी डॉ. आयुष जाखड़ के अनुसार क्राइम ब्रांच ने पूर्व में भुलन बस्ती में दबिश देकर हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में फरार शेख आदिल को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और मोबाइल बरामद करने का दावा किया था।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में शेख आदिल ने बताया था कि वह छोटू चौबे के पिता चंद्रशेखर चौबे के संरक्षण में फरारी काट रहा था। इसके बाद मामले में आर्म्स एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने का आरोप
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि भुलन बस्ती स्थित संबंधित मकान का नगर निगम अथवा राजस्व विभाग में आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला।
पुलिस के अनुसार भूमि स्वामियों ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके प्लॉट पर छोटू चौबे और उसके पिता चंद्रशेखर चौबे ने कथित रूप से डरा-धमकाकर कब्जा किया और पक्का निर्माण करा लिया। पुलिस का आरोप है कि इस मकान का इस्तेमाल आपराधिक मामलों से जुड़े फरार लोगों को छिपाने के लिए भी किया जा रहा था।
इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
प्रयागराज में छिपे होने की मिली सूचना
पुलिस के मुताबिक चंद्रशेखर चौबे प्रकरण दर्ज होने के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने 3 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की गई।
कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह परिहार को चंद्रशेखर चौबे के प्रयागराज में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां दबिश देकर उसे हिरासत में लिया।
पुलिस रिमांड पर पूछताछ
पुलिस चंद्रशेखर चौबे, निवासी स्नेह नगर कमला नेहरू, थाना मदन महल, को प्रयागराज से जबलपुर लेकर आई और न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद उससे प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
