जबलपुर | आगामी 15 अक्टूबर को जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स और देशभर के कई व्यापारिक संगठनों द्वारा 'नो-यूपीआई दिवस' मनाकर UPI भुगतानों के बहिष्कार का आह्वान किया है।व्यापारी अपने क्यूआर कोड (QR-code Scanners) और पेमेंट साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक रूप से UPI पेमेंट न लेने का विरोध जताएंगे।
जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने बताया की इसका मुख्य कारण बड़े लेन-देन पर लगाया जाने वाला 0.4% MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क है।
व्यापारियों के विरोध के मुख्य कारण ₹2,000 से अधिक के बड़े लेन-देन पर लगने वाला 0.4% का शुल्क सीधे व्यापारियों के मार्जिन से काटा जा रहा है। बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यापारियों को यह शुल्क ग्राहकों से वसूलने की अनुमति न दें, जिससे पूरा आर्थिक बोझ व्यापारी वर्ग पर आ गया है। थोक किराना, अनाज व्यापार, पेट्रोल पंप, दवा (फार्मा) और FMCG जैसे क्षेत्रों में कुल प्रॉफिट मार्जिन महज 1% से 3% होता है। 0.4% का शुल्क इस सीमित मुनाफे का बड़ा हिस्सा छीन लेता है।
आवश्यक वस्तुओं और थोक व्यापार के लिए पहले की तरह शून्य-शुल्क (Zero MDR) व्यवस्था बहाल की जाए। कम लाभ मार्जिन वाले व्यवसायों को इस दायरे से बाहर रखा जाए ताकि डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया में बाधा न आए।सांकेतिक विरोध: इस तय दिन (यानी नियम लागू होने के आस-पास) व्यापारी अपने क्यूआर कोड (QR-code Scanners) और पेमेंट साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक रूप से UPI पेमेंट न लेने का विरोध जताएंगे।
