सिहोरा। व्यवहार न्यायालय सिहोरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश (तृतीय) संतोष कुमार कोल एवं सिहोरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविदीप सिंह बैस द्वारा किया गया। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित लिटिगेशन के 1,016 प्रकरण समझौते के आधार पर निराकरण के लिए रखे गए, जिनमें से 165 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में ₹1 करोड़ 45 लाख 98 हजार 220 रुपए की राशि का अवार्ड/समझौता हुआ। इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन के 4,016 प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए, जिनमें से 705 प्रकरणों का निराकरण करते हुए ₹85 लाख 22 हजार 98 रुपए की राशि का अवार्ड/समझौता किया गया। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 5,032 प्रकरणों में से 870 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा ₹2 करोड़ 31 लाख 20 हजार 318 रुपए की कुल समझौता राशि रही। प्रेस-नोट के अनुसार करीब 1,700 पक्षकार लाभान्वित हुए। प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में विद्युत विभाग से संबंधित 1,256 मामलों में 253 का निराकरण हुआ। वहीं श्री अजय उइके के न्यायालय में प्रस्तुत 2,250 प्रकरणों में 422 तथा श्रीमती खलीदा तनवीर खान के न्यायालय में प्रस्तुत 510 प्रकरणों में 30 मामलों का निराकरण किया गया। लोक अदालत की कार्यवाही के लिए न्यायिक अधिकारियों की खंडपीठों का गठन किया गया था जिनमे संतोष कुमार कोल, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्याम सुंदर झा, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अजय उइके, खालिदा तनवीर खान, हिमांशी ठाकुर भारद्वाज, विशाल रिछारिया एवं दीपशिखा दांगी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, ने पीठासीन अधिकारियों के रूप में प्रकरणों का निराकरण किया। विभिन्न खंडपीठों में अधिवक्ता सदस्य के रूप में गणेश कुमार उपाध्याय, मनीष कुमार गौतम, अभय नारायण मिश्रा, अमन शर्मा, तरुण कुमार तिवारी, अमिताभ दाहिया एवं अभिलाष तिवारी ने सहयोग किया।
सिहोरा लोक अदालत में 17 सौ पक्षकार हुये लाभान्वित
byEditor In Chief- मो.अशफाक आरिफ़
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