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आयुर्वेदिक कॉलेज की कैंटीन में सड़ी प्याज और 10 दिन पुरानी ब्रेड, खाद्य सुरक्षा जांच में खुली पोल


आयुर्वेदिक कॉलेज की कैंटीन में सड़ी प्याज और 10 दिन पुरानी ब्रेड, खाद्य सुरक्षा जांच में खुली पोल

पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर की कैंटीनों में स्वच्छता और भंडारण की खामियां; मटर आटा और रिफाइंड तेल के नमूने लैब भेजे जाएंगे

जांच में सामने आया कि सैंडविच बनाने के लिए रखी ब्रेड की बेस्ट बिफोर अवधि लगभग 10 दिन पहले खत्म हो चुकी थी।

भोपाल। पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के लिए संचालित कैंटीन के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच के दौरान कैंटीन में सड़ी हुई प्याज रखी मिली, जबकि सैंडविच बनाने में ऐसी ब्रेड के उपयोग का मामला सामने आया, जिसकी बेस्ट बिफोर अवधि करीब 10 दिन पहले समाप्त हो चुकी थी।


खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कॉलेज परिसर में संचालित नवीन कैंटीन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और स्वच्छता की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई।

बेस्ट बिफोर अवधि खत्म होने के बाद भी ब्रेड का इस्तेमाल

निरीक्षण के दौरान सैंडविच बनाने के लिए रखी ब्रेड की बेस्ट बिफोर अवधि लगभग 10 दिन पहले समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद उसका उपयोग किया जा रहा था। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी कई कमियां सामने आईं।

निरीक्षण में मिली प्रमुख कमियां:
• सड़ी हुई प्याज का भंडारण
• बेस्ट बिफोर अवधि समाप्त ब्रेड का उपयोग
• खाद्य सामग्री का असुरक्षित भंडारण
• साफ-सफाई और स्वच्छता के अपर्याप्त इंतजाम
• खाद्य निर्माण क्षेत्र में निर्धारित मानकों का पालन नहीं

आरओ और पेयजल व्यवस्था की भी हुई जांच

अधिकारियों ने कैंटीन में पेयजल के लिए उपयोग की जा रही आरओ एवं जल निस्यंदन प्रणाली की भी जांच की। पानी की गुणवत्ता से संबंधित आवश्यक परीक्षण किए गए, ताकि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

दूसरी कैंटीन में भी स्वच्छता और भंडारण की कमियां

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कॉलेज परिसर की एक अन्य कैंटीन का भी निरीक्षण किया। वहां भी स्वच्छता संबंधी कमियां, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण की व्यवस्था में कमी और खाद्य निर्माण में लगे कर्मचारियों द्वारा निर्धारित स्वच्छ वेशभूषा का पालन नहीं किया जाना पाया गया।

सुधार सूचना पत्र जारी:
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कैंटीन संचालकों को सुधार सूचना पत्र जारी किए गए हैं। सभी कमियों को नियमानुसार दूर करने के निर्देश भी दिए गए।

मटर का आटा और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने लिए

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए दोनों कैंटीनों में खाद्य निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री के नमूने लिए गए। इनमें मटर का आटा और रिफाइंड सोयाबीन तेल शामिल हैं।

इन नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी वैधानिक कार्रवाई

प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा संबंधित नियम-विनियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बड़ा सवाल
विद्यार्थियों के लिए संचालित कैंटीनों में यदि एक्सपायर्ड सामग्री और खराब खाद्य पदार्थ मिल रहे हैं, तो नियमित निगरानी कितनी प्रभावी है? अब निगाहें लैब रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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