जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब प्लेटफार्म नंबर-6 के समीप साइडिंग में खड़े डीआरएम के स्पेशल कोच (आरए सैलून) में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कोच से उठता धुआं दूर तक दिखाई देने लगा। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन कोच के भीतर रखा सामान जलकर खाक हो गया। रेलवे को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
साइडिंग में खड़ा था अधिकारियों का विशेष कोच
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, प्लेटफार्म नंबर-6 के समीप डेडएंड साइडिंग बनाई गई है, जहां रेलवे अधिकारियों के निरीक्षण एवं आधिकारिक यात्राओं में इस्तेमाल होने वाले विशेष कोच खड़े किए जाते हैं। मंगलवार सुबह इसी साइडिंग में खड़े डीआरएम के विशेष कोच में अचानक आग भड़क उठी।
आग लगने के बाद कोच से तेज लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते पूरे कोच को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार उठता देखकर रेलवे कर्मचारियों और परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
कर्मचारियों ने किया आग बुझाने का प्रयास
आग की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग तेजी से फैलने के कारण कर्मचारियों के लिए उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद तत्काल नगर निगम के अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान किसी व्यक्ति के झुलसने या हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
कोच के अंदर का सामान जलकर खाक
डीआरएम के विशेष सैलून कोच में अधिकारियों के लिए बैठक कक्ष, वीआईपी सुविधाएं और किचन सहित कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। आग से कोच का इंटीरियर, फर्नीचर और अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है।
प्रारंभिक तौर पर रेलवे को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन जांच और क्षतिग्रस्त सामान के मूल्यांकन के बाद ही सामने आएगा।
आग कैसे लगी, जांच के बाद होगा खुलासा
कोच में आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
