जबलपुर / फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ने प्रदेश में उद्योगों की स्थापना, संचालन एवं विस्तार से संबंधित अनुमतियों और लाइसेंसों के लिए सिंगल विंडो प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश शासन द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत किया है, जिसमें सभी विभागों की स्वरोजगारोनमुखी योजनाओं को एमपीआईडीसी की सिंगल विंडो से संचालित किया जाएगा। फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप के प्रति आभार व्यक्त किया है।
हिमांशु खरे ने कहा कि फेडरेशन द्वारा लंबे समय से विभिन्न शासकीय एवं सार्वजनिक मंचों पर यह मांग उठाई जाती रही है कि प्रदेश में वास्तविक अर्थों में ऐसी सिंगल विंडो लाइसेंसिंग व्यवस्था विकसित की जाए, जहां उद्यमियों को उद्योग स्थापना एवं संचालन के लिए आवश्यक विभिन्न विभागीय अनुमतियां एक ही स्थान पर प्राप्त हो सकें। इस व्यवस्था के अंतर्गत संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारी एक ही कार्यालय अथवा समन्वित मंच पर उपलब्ध रहें, जिससे उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता न पड़े।
फेडरेशन के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल *“ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के साथ-साथ “ईज ऑफ स्टार्टिंग बिजनेस”* को भी मजबूती प्रदान करेगी। इससे नए निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, लंबित औद्योगिक प्रस्तावों को गति मिलेगी तथा प्रदेश में रोजगार के नए अवसरों के सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सिंगल विंडो व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश की पहचान निवेश-अनुकूल और उद्योग-अनुकूल राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ होगी। इस व्यवस्था के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार, उद्यमिता विकास एवं स्वरोजगारोनमुखी प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं भी एक ही स्थान पर एमपीआईडीसी में उपलब्ध हो सकेंगी।
फेडरेशन ने राज्य सरकार को आश्वस्त किया है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन, एमएसएमई इकाइयों की समस्याओं के समाधान तथा शासन की उद्योग हितैषी योजनाओं को उद्यमियों तक पहुंचाने में संस्था निरंतर रचनात्मक सहयोग प्रदान करती रहेगी।
