जबलपुर। मध्यप्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट करने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी जिलों के खाद्य अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार यदि कोई व्यापारी नकली दूध, पनीर, मावा, दही, मक्खन या घी का कारोबार करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय खंडवा में जानवरों की चर्बी से नकली घी बनाने के अवैध कारखाने का खुलासा होने के बाद लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
दूध चिलिंग प्लांट से मिठाई दुकानों तक होगी जांच
अभियान के तहत खाद्य विभाग की टीमें दूध चिलिंग प्लांट, डेयरी, दूध संग्रह केंद्र, निर्माण इकाइयों, थोक विक्रेताओं तथा मिठाई और डेयरी उत्पाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण करेंगी। खाद्य पदार्थों के नमूनों की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच की जाएगी। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल भी साथ रहेगा।
मोबाइल लैब और मैजिक बॉक्स से होगी मौके पर जांच
खाद्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब और मैजिक बॉक्स तकनीक की मदद से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच की जाए। यदि जांच में सिंथेटिक, नकली या रासायनिक मिलावट की पुष्टि होती है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी सामग्री को तत्काल जब्त कर संबंधित प्रतिष्ठान को सील किया जाएगा।
31 जुलाई तक भेजनी होगी रिपोर्ट
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 31 जुलाई तक मुख्यालय भेजना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बॉक्स न्यूज
मिलावटखोरों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
नकली दूध, पनीर, मावा, घी व दही बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब और मैजिक बॉक्स से मौके पर होगी जांच।
मिलावट मिलने पर खाद्य सामग्री जब्त कर प्रतिष्ठान किया जाएगा सील।
पुलिस बल की मौजूदगी में चलेगा विशेष जांच अभियान।
सभी जिलों को 31 जुलाई तक कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश।
