जबलपुर। महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं समावेशी शहर विकसित करने की दिशा में जबलपुर नगर निगम और यूएन वूमेन (UN Women) की साझेदारी लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में "सेफ सिटीज एंड सेफ पब्लिक स्पेसेज फॉर वूमेन" परियोजना की पहली वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन जबलपुर में किया गया। महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, रेलवे, नगर निगम, विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य बीते एक वर्ष में परियोजना के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा करना, उपलब्धियों और अनुभवों को साझा करना तथा आगामी वर्ष के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को और अधिक मजबूत बनाने की कार्ययोजना तैयार करना था।
एक साल पहले हुआ था यूएन वूमेन से करार
जबलपुर नगर निगम ने एक वर्ष पूर्व यूएन वूमेन के साथ करार कर शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की थीं। इस साझेदारी के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने, महिलाओं की आवाजाही को सहज बनाने और उनके लिए समान अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
शहर की सड़कों पर बढ़ी रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत
महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' ने कहा कि पिछले एक वर्ष में शहर के कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है, ताकि रात के समय भी महिलाओं को निर्भय होकर आवागमन करने में सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि जबलपुर पुलिस ने भी महिला सुरक्षा के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई है।
100 महिलाओं को मिलेंगे ई-रिक्शा
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महापौर ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगामी वर्ष में 100 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके लिए महिलाओं को सब्सिडी और बैंक ऋण के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि आज जबलपुर में महिलाएं स्ट्रीट वेंडर, ऑटो चालक सहित कई ऐसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं, जिन्हें पहले पुरुषों का कार्यक्षेत्र माना जाता था।
यूएन वूमेन ने साझा किए अनुभव
बैठक में यूएन वूमेन की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव शोको इशिकावा और डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव कांता सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, समान अवसर और सशक्तिकरण के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
अगले वर्ष के लिए तैयार हुआ रोडमैप
समीक्षा बैठक में आगामी वर्ष के लिए विस्तृत रोडमैप भी तैयार किया गया। इसमें महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों की सुगमता, लैंगिक समानता और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।
बैठक में पुलिस विभाग, जिला प्रशासन, पश्चिम मध्य रेलवे, धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी तथा भारतीय सेना के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विभागों द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों और संस्थाओं ने मिलकर जबलपुर को महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समान अवसरों वाला और समावेशी शहर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
