रिश्वत लेते रंगे हाथों धरा गया कोटवार! कोर्ट केस खत्म कराने के नाम पर वसूल रहा था पैसे



लोकायुक्त जबलपुर की बड़ी कार्रवाई, पहले मांगे थे ₹3000, शिकायत के बाद बिछाया जाल

जबलपुर/सिवनी। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सिवनी जिले की केवलारी तहसील के उगली उप तहसील कार्यालय में पदस्थ कोटवार कमलेश गनवीर को ₹1500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी कोर्ट में चल रहे प्रकरण को खत्म कराने के नाम पर फरियादिया से रिश्वत की मांग कर रहा था।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले ने बताया कि ग्राम सुरेखा खुर्द, पोस्ट जेवनारा, तहसील केवलारी निवासी रीना ठाकरे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पड़ोसी से हुए विवाद के बाद थाना उगली में उनके और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। यह प्रकरण वर्तमान में उप तहसील कार्यालय उगली में विचाराधीन था।

केस रफा-दफा करने के लिए मांगे थे ₹3000

शिकायत के अनुसार ग्राम पौड़ी निवासी कोटवार कमलेश गनवीर, जो वर्तमान में उप तहसील कार्यालय उगली में बाबू का कार्य भी देख रहा था, ने मामले को रफा-दफा कर खत्म कराने के एवज में ₹3000 की रिश्वत की मांग की थी। फरियादिया रिश्वत नहीं देना चाहती थी, इसलिए उसने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस जबलपुर से की।

शिकायत सही मिली, फिर बिछाया गया जाल

शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने ₹1500 की पहली किस्त रिश्वत के रूप में स्वीकार की, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया

इन अधिकारियों ने की कार्रवाई

इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व टीएलओ निरीक्षक रेखा प्रजापति ने किया। उनके साथ निरीक्षक शशिकला मर्सकोले सहित लोकायुक्त पुलिस की टीम मौजूद रही। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार के मामलों में लोकायुक्त पुलिस की लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, वहीं आम नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त कार्यालय में करें।

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