मंडला। मध्य प्रदेश के महाकौशल अंचल में मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (एनएच-30) पर शुक्रवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जबलपुर से मंडला की ओर जा रहा सूजी की बोरियों से लदा 10 चक्का ट्रक टिकरिया थाना क्षेत्र के बबैहा और कोंडरा गांव के बीच स्थित खतरनाक घाट सेक्शन में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें लदी सूजी की सैकड़ों बोरियां सड़क और घाट की ढलान पर बिखर गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक व्यावसायिक माल लेकर जबलपुर से मंडला जा रहा था। रास्ते में वाहन में तकनीकी खराबी आने पर चालक ने एक मैकेनिक से मरम्मत कराकर यात्रा दोबारा शुरू की थी। लेकिन जैसे ही ट्रक घाट की तीखी चढ़ाई पर पहुंचा, अचानक उसका इंजन बंद हो गया।
भारी वजन और ढलान के कारण ट्रक तेजी से पीछे की ओर लुढ़कने लगा। चालक ने ब्रेक और गियर के सहारे वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते ट्रक सड़क किनारे लगे सुरक्षा अवरोधक को तोड़ते हुए पलट गया।
घटना की सूचना मिलते ही टिकरिया थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक के केबिन में फंसे चालक और परिचालक को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे के बाद ट्रक में लदी सूजी की बोरियां हाईवे और घाट के किनारे बिखर गई थीं। माल की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने पूरी रात घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। पुलिसकर्मियों की तैनाती के चलते किसी भी प्रकार की लूटपाट या अव्यवस्था की घटना नहीं हुई।
पुलिस ने ट्रक के दस्तावेजों के आधार पर वाहन मालिक और ट्रांसपोर्टर को दुर्घटना की सूचना दे दी है। अब क्रेन की सहायता से ट्रक को हटाने और बचे हुए माल को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की जाएगी। मामले की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है।
इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने बबैहा-कोंडरा घाट को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से यहां मजबूत क्रैश बैरियर, सुरक्षा दीवार और अतिरिक्त चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घाट में आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
