1.85 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, बिजली बिल होगा कम

 




जबलपुर। मध्य प्रदेश के करीब 1.85 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। जुलाई में मिलने वाले बिजली बिल में उपभोक्ताओं पर लगने वाला फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (एफपीपीपीए) यानी अतिरिक्त एनर्जी चार्ज कम कर दिया गया है। अब यह शुल्क 3.91 प्रतिशत से घटाकर 1.11 प्रतिशत कर दिया गया है। नई दरें 24 जून के बाद की बिलिंग पर लागू हो चुकी हैं, जिससे घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि और औद्योगिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने संशोधित दरों का सर्कुलर जारी कर दिया है। बिजली कंपनियों के अनुसार एफपीपीपीए की दर हर महीने बिजली खरीद की वास्तविक लागत के आधार पर तय की जाती है। इस बार बिजली खरीद की लागत कम होने के कारण उपभोक्ताओं पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में 2.80 प्रतिशत अंक की कमी की गई है।

चीफ जनरल मैनेजर (रेवेन्यू मैनेजमेंट) शैलेंद्र सक्सेना ने बताया कि अप्रैल महीने में एफपीपीपीए 6 प्रतिशत से अधिक था। मई में इसे घटाकर 3.91 प्रतिशत किया गया और अब 24 जून के बाद की बिलिंग के लिए इसे 1.11 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली खरीद लागत में आई कमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
100 रुपये के एनर्जी चार्ज पर ऐसे समझें राहत

यदि किसी उपभोक्ता के बिजली बिल में एनर्जी चार्ज 100 रुपये है, तो पहले उस पर 3.91 रुपये एफपीपीपीए देना पड़ता था। अब यही शुल्क घटकर 1.11 रुपये रह जाएगा। यानी प्रत्येक 100 रुपये के एनर्जी चार्ज पर 2.80 रुपये की सीधी बचत होगी।
जितनी ज्यादा खपत, उतनी ज्यादा राहत

बिजली विभाग के अनुमान के अनुसार नई दरों से उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत के अनुसार राहत मिलेगी—
200 यूनिट तक मासिक खपत पर लगभग 15 से 30 रुपये की बचत।
300 यूनिट तक खपत पर 25 से 40 रुपये की राहत।
400 यूनिट तक खपत करने वालों को 35 से 55 रुपये का लाभ।
500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 45 से 70 रुपये तक की राहत मिल सकती है।

बिजली कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि एफपीपीपीए कोई स्थायी शुल्क नहीं है। बिजली खरीद की लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर इसकी हर महीने समीक्षा की जाती है। लागत घटने पर उपभोक्ताओं को राहत दी जाती है, जबकि लागत बढ़ने पर यह शुल्क बढ़ भी सकता है। फिलहाल की इस कटौती से प्रदेश के लाखों परिवारों, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के मासिक बिजली बिल में सीधा फायदा दिखाई देगा।

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