नीट पेपर बेचने के नाम पर ठगी: लॉ छात्र गिरफ्तार, इंस्टाग्राम पर चलाता था फर्जी रैकेट



इंदौर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) के प्रश्नपत्र बेचने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए छात्रों से ठगी करने वाले एक प्रथम वर्ष के लॉ छात्र को इंदौर क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को झांसे में लेता था और ऑनलाइन भुगतान प्राप्त कर कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करता था।

क्राइम ब्रांच से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय पुत्र महेंद्र मोहन मालवीय निवासी आंगन शक्कर खेड़ी, लसूड़िया के रूप में हुई है। आरोपी इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नीट-2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर आकर्षक पोस्ट वायरल करता था। इन पोस्टों के माध्यम से वह परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता था। पोस्ट देखने के बाद छात्रों को उसके प्रोफाइल के बायो में दिए गए लिंक पर भेजा जाता था, जहां कथित प्रश्नपत्र देखने के लिए पहले ऑनलाइन भुगतान करना अनिवार्य बताया जाता था।

जांच में सामने आया है कि भुगतान प्राप्त होने के बाद ही छात्रों को कथित प्रश्नपत्र या अन्य अध्ययन सामग्री दिखाई जाती थी। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध अध्ययन सामग्री को संकलित कर नए प्रश्नपत्र जैसा तैयार करता था और उसे असली पेपर बताकर बेचने का प्रयास करता था।

क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक नीट परीक्षा को लेकर विवाद और परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की कई भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित की थीं। उसकी गतिविधियां पहले से ही साइबर पुलिस की निगरानी में थीं। हाल ही में इंस्टाग्राम द्वारा उसका अकाउंट बंद किए जाने के बाद पुलिस को उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर जांच तेज की गई।

बताया गया है कि आरोपी के संबंध में राजस्थान के कोटा पुलिस द्वारा भेजे गए एक ईमेल के बाद इंदौर पुलिस सक्रिय हुई और तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस का दावा है कि आरोपी ने यूपीआई के माध्यम से लगभग 30 से 35 लोगों से रकम वसूली थी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की कुल राशि कितनी है और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर सोशल मीडिया पर किए जाने वाले किसी भी दावे पर विश्वास न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या ऑनलाइन भुगतान से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें।

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