बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शुक्रवार दोपहर मौसम का अचानक बदला मिजाज तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। बैहर थाना क्षेत्र स्थित भीमोड़ी जलाशय के पास वन विभाग के वॉच टावर पर आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज बैहर अस्पताल में जारी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम भीमोड़ी निवासी झामसिंह पिता नन्वा ताराम (30) मछली पकड़ने के लिए जलाशय पहुंचे थे। वहीं सतीश पिता दयाल सिंह वल्के (15) निवासी बिरवा और लक्की पिता श्रीराम मेरावी (15) घूमने के उद्देश्य से जलाशय की ओर गए थे। इसी दौरान ग्राम अतरिया निवासी रायसिंह अर्मो (40) और देवलाल टेकाम (41) भी किसी कार्य से वहां पहुंचे हुए थे। वहीं ग्राम भीमोड़ी निवासी कचरी ताराम (50) कपड़े धोने के लिए जलाशय किनारे गई थीं।
बारिश से बचने के लिए वॉच टावर के नीचे लिया सहारा, तभी गिरी बिजली
दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे के बीच क्षेत्र में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक मौसम खराब होने पर सभी लोग बचाव के लिए वन विभाग के वॉच टावर के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे वॉच टावर पर गिर गई।
बिजली गिरते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सतीश वल्के और लक्की मेरावी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलसकर बेहोश हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल बैहर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान झामसिंह ताराम ने भी दम तोड़ दिया।
तीन घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल रायसिंह अर्मो, देवलाल टेकाम और कचरी ताराम का बैहर अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने की घटना की पुष्टि
बैहर थाना प्रभारी जयंत मर्सकोले ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भीमोड़ी जलाशय के समीप स्थित वन विभाग के वॉच टावर पर आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों, ऊंचे टावरों और धातु संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित भवन में शरण लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।
