जबलपुर: फायर सेफ्टी में लापरवाही पर एसआर मॉल सहित 3 प्रतिष्ठान सील, निगम की बड़ी कार्रवाई

 


जबलपुर। शहर में लगातार बढ़ रही अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर शुक्रवार को नगर निगम की संयुक्त टीम ने विजय नगर और चेरीताल क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर फायर सेफ्टी और भवन संबंधी नियमों की जांच की। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एसआर मॉल, बजाज एंटरप्राइजेज और पारस एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।


कार्रवाई में अग्निशमन विभाग के कुशाग्र ठाकुर और निलेश पाटीदार, भवन विभाग के दिग्दर्श सिंह, यशवंत सोनी और अनुपम शुक्ला, अतिक्रमण शाखा के लक्ष्मण कोरी तथा बाजार विभाग के अमित जोशी शामिल रहे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एसआर मॉल में फायर सिस्टम बंद, जरूरी दस्तावेज भी नहीं मिले

विजय नगर स्थित एसआर मॉल के निरीक्षण में सामने आया कि मॉल की अग्निशमन व्यवस्था पूरी तरह निष्क्रिय थी। जांच के दौरान मॉल संचालक शिवकुमार रघुवंशी भवन निर्माण स्वीकृति और लिफ्ट संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके।

सार्वजनिक स्थल होने और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी को प्रशासन ने गंभीर खतरा माना। इसके बाद निगम ने मॉल को सील करते हुए परिसर में संचालित एसआर सिनेमा, फूड कोर्ट और रिलायंस स्मार्ट स्टोर को भी बंद करा दिया।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा और संबंधित विभागों से आवश्यक प्रमाणन प्राप्त नहीं होगा, तब तक मॉल को दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रिहायशी इलाके में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण मिला

चेरीताल स्थित सरस्वती कॉलोनी में संचालित बजाज एंटरप्राइजेज और पारस एजेंसी पर भी निगम की कार्रवाई हुई। जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। साथ ही भवन निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।

निरीक्षण में सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि रिहायशी क्षेत्र के बीच बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया गया था। इसके अलावा बिजली के कनेक्शन भी असुरक्षित पाए गए, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी।

जन-सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
निगमायुक्त की दो टूक चेतावनी

निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। फायर सेफ्टी और भवन नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने अग्निशमन उपकरणों को चालू रखें, आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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