रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिसकर्मी वरिष्ठ पत्रकार विलोक पाठक के खिलाफ साजिश रचते और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में कार में बैठे पुलिसकर्मी को अपने साथी से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उस दिन कमानिया गेट में विलोक पाठक बच गया, नहीं तो उसे भी निपटा देता। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। वरिष्ठ पत्रकार विलोक पाठक ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की।
घटना की जानकारी मिलते ही पत्रकार संगठनों में आक्रोश फैल गया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पत्रकार संगठनों के दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ओमती थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक जोगिन्दर सिंह को निलंबित कर दिया है, जबकि आरक्षक हरिओम को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
