जबलपुर। रादुविवि के कुलगुरु प्रो राजेश कुमार वर्मा के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण हो गए। उनके कार्यकाल की उपलब्धि बताते हुए प्रो अजय मिश्रा ने बताया कि उनके कार्यकाल में
विश्वविद्यालय के समग्र मूल्यांकन के उपरांत नैक द्वारा ‘ए’ ग्रेड (सीजीपीए 3.22) प्रदान किया गया है।
शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं नीति आयोग के द्वारा विश्वविद्यालय में एक बायोडिजाइन इनोवेशन सेन्टर (डी.आई.सी.) स्थापित है। डीआईसी तथा इन्क्यूबेशन सेन्टर द्वारा अब तक 06 पेटेन्ट हासिल किए गए हैं।
पीएम.-ऊषा परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उन्नयन हेतु रु. 20 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
समय पर परीक्षा एवं समय पर परिणाम
विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2023-24 के परीक्षा समाप्ति के दिन ही 05 परीक्षा परिणाम घोषित किए गए एवं परीक्षा समाप्ति के दूसरे दिन 03 परीक्षा परिणाम घोषित किए गए ।
विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2024-25 के परीक्षा कुछ परीक्षा परिणाम उसी दिन और कुछ 3 से 7 दिन के बीच परिणाम घोषित किए गए।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा 28 घंटे में 28 परिणाम
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने प्री-पीएचडी प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली डीईटी-2025 की परीक्षा की समाप्ति के दिन ही 11 विषयों के परिणाम घोषित कर दिए थे। शेष 17 विषयों के परिणाम अगले दिन जारी कर दिए गए जिसमें कुल 519 शोधार्थियों को प्रवेश मिला।
नवाचार के द्वारा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
विश्वविद्यालय के कौशल विकास संस्थान द्वारा निर्मित अंगवस्त्रों का उपयोग महत्वपूर्ण अवसरों पर अतिविशिष्ट अतिथियों के स्वागत में किया जाता है। इस तरह विश्वविद्यालय में मितव्ययता बरतते हुए आर्थिक सुदृढ़ता के प्रयास जारी हैं एवं लगभग 8-10 लाख रुपये प्रतिवर्ष की बचत की गई।
साथ ही संस्थान द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु वर्ष भर में 30, 60 एवं 90 दिवसीय ‘‘निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण’’ कार्यक्रमों का आयोजन कर लगभग 110 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया तथा विद्यार्थियों के लिए ‘‘बल्ब/ट्यूबलाइट एल.ई.डी., सोलर पैनल रिपेयरिंग प्रशिक्षण‘‘ ,राखी बनाना, गणेश जी बनाना, दीपावली की सजावट की वस्तुएं बनाना और बेचना आदि कार्यक्रम आयोजित किये गये ताकि वे अपना स्वयं का रोेजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
7 दिसंबर 2025 को भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी द्वारा दिए गये सुझाव के आधार पर मध्यप्रदेश में पहली बार विश्वविद्यालय में बुके के स्थान पर फलों द्वारा स्वागत करने की नई परम्परा की शुरुआत की गई।
विश्वविद्यालय में आर्थिक बचत के समुचित प्रयास
विश्वविद्यालय में मितव्ययता बरतते हुए विगत वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग रुपये 19.50 करोड़ की बचत की गई।
नये पाठ्यक्रमों का समावेश
विश्वविद्यालय में नये पाठ्यक्रमों बी.टेक (कम्प्यूटर साइंस एण्ड इन्फारमेशन साइंस), बी.एससी. (आनर्स) एवियेशन, बी.वॉक इंटीरियर डिजाइन, बी.वॉक फैशन टेक्नालाजी, बी.काम. इन रिटेल आपरेशन मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ सोशल वर्क, बी.एस.सी., बैचलर ऑफ फैशन डिजाइन, बैचलर ऑफ इंटीरियर डिजाइन को प्रारंभ किया गया है जिसमें प्रवेश हेतु विद्यार्थियों का अत्याधिक रुझान बढ़ा है तथा प्रवेश संख्या में भी वृद्धि हुई है।
सत्र 2024-25 में विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों में प्रवेश संख्या में 46 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या में वृद्धि हुई है एवं सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों में प्रवेश संख्या में 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या में वृद्धि हुई है जो प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है।
सत्र 2025-26 के लिए कला संकाय के अंतर्गत एन.ई.पी. चार वर्षीय नवीन पाठ्यक्रम बी.ए.(होम साइंस), बी.ए.(लिंग्विस्टिक एण्ड कम्युनिकेटिव इंग्लिश), बी.ए.(पॉलिटिकल साइंस), बी.ए.(इंटरनेशनल रिलेशन्स), बी.ए.(हिन्दी भाषाविज्ञान), बी.ए.(संस्कृत साहित्य), बी.ए.(समाजशास्त्र), बी.ए.(भारतीय इतिहास), बी.ए.(भारतीय संस्कृति), बी.ए.(ग्रामीण विकास), बी.ए.(मनोविज्ञान), बी.ए.(ड्राइंग एण्ड पेंटिग), बी.ए.(महिला अध्ययन), बी.ए.(पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान) आदि में 20 तरह के कम्बीनेशन प्रारंभ किए गए।
प्रवेश सहायता एवं कैरियर मार्गदर्शन केंद्र का शुभारंभ
विश्वविद्यालय में सत्र 2025-26 से ‘प्रवेश सहायता एवं कैरियर मार्गदर्शन केंद्र’ का शुभारंभ किया गया। यह छात्रों के ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया की सुविधा एवं पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी के लिए है। इस सहायता केन्द्र में छात्रों को प्रवेश के लिए पंजीकरण और अन्य प्रक्रिया में भी सहायक सिद्ध हुआ। इसमें करीब 3000 विद्यार्थियों ने संपर्क किया जो मध्यप्रदेश में पहली बार हुआ है।
कुलगुरु द्वारा अध्यापन कार्य
कुलगुरु प्रो. वर्मा द्वारा विश्वविद्यालय प्रबंधन संस्थान, शासकीय महाकौशल महाविद्यालय, जबलपुर एवं शासकीय कन्या महाविद्यालय, रांझी, जबलपुर में बी.काम. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षाएं ली गई हैं तथा पाठ्यक्रम से संबंधित जिज्ञासाओं के समाधान हेतु उनसे सीधा संवाद किया गया जिससे छात्र-छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित समितियों में योगदान
म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान सत्र से लागू किए गए स्नातक पाठ्यक्रमों हेतु अध्यादेश 14(1) एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों हेतु अध्यादेश 14(2) लागू किए जाने हेतु गठित समितियों में माननीय कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने अध्यक्ष का दायित्व निभाया।
इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ के प्रयोग किए जाने हेतु प्रयागराज महाकुम्भ में विश्वविद्यालय का किया गया सम्मान,माह फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुम्भ में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जनता की आवाज फाउण्डेशन एवं वैश्विक हिन्दी सम्मेलन द्वारा सभी प्रयोजनों के लिए और सभी भाषाओं में ‘भारत’ नाम को अपनाने तथा दासता के प्रतीक ‘इडिया’ नाम का प्रयोग न करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलगुरु तथा कार्यपरिषद् के सभी सदस्यों को सम्मानित करते हुए अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया है।
अतिथि विद्वानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय
विश्वविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वानों को शोध कार्य हेतु सह-निर्देशक बनाये जाने, मूल्यांकन तथा प्रायोगिक कार्य हेतु विषय विशेषज्ञ का कराये जाने के लिए मान्य किया गया है।उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन के अनुसार अतिथि विद्वानों को 13सी एल अवकाश प्रदान किया जाना मान्य हुआ साथ ही उत्कृष्ट शोध कार्य हेतु शोध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रत्येक अतिथि विद्वान को रु. पाँच हजार की राशि प्रतिवर्ष प्रत्येक अकादमिक सत्र में पुरस्कार स्वरूप दिए जाने का निर्णय लिया गया।
पर्यावरण संरक्षण हेतु सार्थक प्रयास
एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों द्वारा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने स्थित बगीचे एवं परिसर के वृक्षों में 250 सकोरे एवं घोसले लगाए गए ताकि भीषण गर्मी में प्यासे पक्षियों को राहत तथा उनके रहने के लिए आसरा मिल सके। साथ ही पक्षियों के लिए अन्न की भी व्यवस्था की गई।
विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान पौधारोपण किया जाता है।
अकादमिक उन्नयन हेतु निरंतर प्रयास
दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में भौतिक विज्ञान विषय’’ के लिए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को नोडल केन्द्र बनाया गया है। अतः इसी अनुक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के निर्माण‘ विषय पर विवि के भौतिकी और इलेक्ट्रानिक्स विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई।
एमओयू (हस्ताक्षरित) -
विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के अकादमिक उन्नयन को दृष्टिगत रखते हुए निम्नलिखित संस्थानों के बीच एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किए गए-
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं ज्ञान गंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी, जबलपुर।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी, भोपाल।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं बी.ए.पी.एस. विजन, अहमदाबाद ।
एम.ओ.यू. (प्रस्तावित)-
निकट भविष्य में विश्वविद्यालय एवं निम्नलिखित संस्थानों के बीच एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किया जाना प्रस्तावित है-
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं सी.ए. इंस्टीट्यूट आफ चार्टेड अकाउण्टेड, नई दिल्ली।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं पातंजलि इंस्टीट्यूट, हरिद्वार।
रादुविवि में दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रमों की रूपरेखा हेतु तैयारी
बी ग्रेड विश्वविद्यालय होने के कारण डिस्टेंस एजुकेशन की सुविधा विश्वविद्यालय में बंद कर दी गई थी जिसे ए ग्रेड प्राप्त होने के बाद आरंभ करना संभव हो पाया है इसी दिशा में
दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रम हेतु स्नातक स्तर पर हिंदी, अँग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र एवं स्नातकोत्तर स्तर में अँग्रेजी एवं एम.एस.डब्ल्यू. के विभिन्न पाठ्यक्रमों को यूनिट के आधार पर विभाजन कर प्रत्येक यूनिट में चार-पाँच अनुभवी शिक्षकों को संलग्न किया जायेगा ताकि उनके अनुभवों का अधिक से अधिक लाभ मिल सकेे। पाठ्यक्रम की तैयारी पूर्णता की ओर है ।