जबलपुर। अजमेर शरीफ के महान सूफ़ी संत हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ग़रीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह के उर्स की छठी शरीफ के अवसर पर शहर के मुस्लिम बहुल इलाक़ों में अकीदत व एहतराम के साथ कुल शरीफ, लंगर और महफिलों का आयोजन किया गया। दिन भर ग़रीब नवाज़ की शान में कलाम गूंजते रहे और पूरा माहौल रूहानियत से सराबोर रहा।
हाईकोर्ट के सामने स्थित हज़रत कचहरी वाले बाबा की दरगाह में नमाज़-ए-मगरिब के बाद चादरपोशी, गुलपोशी तथा नज़र-ओ-नियाज़ पेश की गई। इस आयोजन की सरपरस्ती सज्जादानशीन बाबर ख़ान बंदानवाज़ी एवं खादिम-ए-आला चंगेज़ ख़ान अशरफ़ी ने की। रात्रि में आयोजित महफिल-ए-समा में क़व्वालों ने ख़्वाजा साहब की शान में कलाम पेश कर अकीदतमंदों को भावविभोर कर दिया।
इसी तरह मदन महल पहाड़ी पर स्थित दरबार-ए-ख़्वाजा में मुतवल्ली सूफ़ी सैय्यद क़ादिर अली क़ादरी की सदारत एवं सूफ़ी मुबारक क़ादरी की क़यादत में प्रातः कुल शरीफ का आयोजन किया गया। सायं नमाज़-ए-मगरिब के बाद क़ादरी ख़ानदान के मशहूर बुज़ुर्ग सूफ़ी आशिक़ अली बाबा क़ादरी अलैहिर्रहमा के आस्ताने से उनके ख़लीफ़ा व सज्जादानशीन इनायत अली क़ादरी की क़यादत में चादर शरीफ़ निकाली गई। अकीदतमंदों की मौजूदगी में चादर शरीफ़ दरबार-ए-ख़्वाजा पहुंची, जहां परम्परानुसार गुलपोशी कर चादर शरीफ़ पेश की गई।
इस अवसर पर अकीदतमंदों ने ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की बारगाह में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। चादर शरीफ़ पेश किए जाने के बाद नज़र-ओ-नियाज़ पेश की गई तथा तबर्रुक तक़सीम किया गया।
इस आयोजन में सज्जादानशीन निज़ाम क़ादरी, ख़लीफ़ा इनायत क़ादरी, अब्बू बाबा क़ादरी, अजय अवस्थी, वरुण साहनी, दिलीप सोनकर, जवाहर क़ादरी, भूरा महाराज, आशु क़ादरी (नेताजी) सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर सूफ़ी परंपरा और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।