सिहोरा। सिहोरा को जिला बनाने आंदोलनकारियों का सब्र आज टूट गया। बस स्टैंड धरना स्थल पर दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक जिला मुद्दे पर मुख्यमंत्री से वार्ता हेतु भोपाल जाने का इंतजार करती रही, पर विधायक ने किसी न किसी बहाने आंदोलनकारियों को रात 8 बजे तक भोपाल जाने नही दिया।आखिर लाचार होकर आंदोलन समिति का प्रतिनिधि मंडल विधायक संतोष बरकड़े के पड़रिया स्थित निवास पहुँचा, तब कहीं जाकर रात 8 बजे विधायक का बयान सामने आया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं ले सके।
इस कथन ने मानो तेल में आग डालने का काम किया।
धरना स्थल पर मौजूद जनता फूट पड़ी।गुस्साए लोगों ने विधायक के इस रवैये को घोर विश्वासघात और जनता के अपमान की संज्ञा दी।
आरोप लगाया गया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने
पूर्व जिलाध्यक्ष ने
और उपमुख्यमंत्री ने
सिहोरा की जनता के साथ छल किया है, भरोसा तोड़ा है और आंदोलन को भ्रमित करने की कोशिश की है।
भीड़ से उठी आवाजें साफ थीं सिहोरा को मूर्ख समझना बंद करो।हमारी आस्था और विश्वास को रौंदा गया है!
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने तीखी चेतावनी देते हुए कहा अब विश्वासघात की हर सीमा पार हो चुकी है। यह अपमान सहन नहीं होगा। जनता के सब्र का बांध टूट चुका है। जल्द ही उग्र आंदोलन की घोषणा की जाएगी। जिम्मेदारों को इसका जवाब देना होगा।”
धरना स्थल पर माहौल देर रात तक तल्ख़ बना रहा और जनता ने स्पष्ट कहा कि अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं।