27 दिसंबर को ख्वाजा ग़रीब नवाज़ के उर्स की छठी शरीफ़
जबलपुर।
मुफ़्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश हज़रत मौलाना डॉक्टर मुशाहिद रज़ा क़ादरी बुरहानी ने एक बयान में बताया कि 21 दिसंबर, इतवार, मुताबिक़ 29 जमादी-उल-आख़िर को जबलपुर में माह-ए-रज्जब का चाँद आम तौर पर नज़र नहीं आया, लेकिन माहे रज्जब के चाँद देखे जाने की शरई शहादत मौसूल हुई है। लिहाज़ा आज माहे रज्जब की दूसरी तारीख़ है।
मुफ़्ती-ए-आज़म ने बताया कि आगामी 27 दिसंबर, शनिवार, मुताबिक़ 6 रज्जब को सुल्तानुल हिन्द हज़रत ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स-ए-पाक की छठी शरीफ़ अकीदत व एहतराम के साथ मनाई जाएगी।
उन्होंने उर्स की छठी शरीफ़ के मौक़े पर अकीदतमंदों से गुज़ारिश की है कि वे नियाज़ और फ़ातिहा का एहतेमाम इस्लामी शरियत के मुताबिक करें, गैर-शरई कामों से परहेज़ रखें तथा मुल्क व कौम की ख़ुशहाली के लिए ख़ुसूसी दुआ करें।