जबलपुर। मध्यप्रदेश में IPS कैडर रिव्यू में कथित देरी को लेकर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के पक्ष में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका को हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक रुसिया की युगलपीठ ने सुनवाई करते हुये प्रवेश स्तर पर ही खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कैट द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखते हुए केंद्र सरकार की उस दलील को स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि कैडर रिव्यू की प्रक्रिया समय-समय पर एवं नियमानुसार की जाती रही है और इसमें कोई देरी नहीं हुई।
मामला मध्यप्रदेश पुलिस एसोसिएशन द्वारा दायर मूल आवेदन से संबंधित है। कैट ने 9 जनवरी 2026 को महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार को अतिरिक्त IPS कैडर रिव्यू की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए थे तथा इसके लिए 120 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की थी। कैट के उक्त आदेश को केंद्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से यह तर्क रखा गया कि कैडर रिव्यू की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से की जाती रही है तथा किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं हुई है। मामले में मध्यप्रदेश पुलिस एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे एवं अक्षय खंडेलवाल ने पैरवी की।
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