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PRGI का बड़ा एक्शन: 8,564 अखबार और पत्रिकाओं पर रद्दीकरण का खतरा

📰 PRESS REGISTRAR GENERAL OF INDIA

PRGI का बड़ा एक्शन: 8,564 अखबार और पत्रिकाओं पर रद्दीकरण का खतरा

प्रकाशकों को 30 दिन की मोहलत, पूरी करनी होगी जरूरी ऑनलाइन औपचारिकताएं

नई दिल्ली। देशभर में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी पत्र-पत्रिकाओं के खिलाफ प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करने वाले PRGI ने 24 अगस्त 2026 को जारी एडवाइजरी नंबर 21 ऑफ 2026 में 8,564 टाइटल्स को डिफंक्ट सूची में रखा है।



8,564
अखबार एवं पत्रिका टाइटल
PRGI की डिफंक्ट सूची में शामिल

🔎 इन टाइटल्स पर क्यों हुई कार्रवाई?

PRGI के अनुसार, सूची में शामिल प्रकाशनों को उनके मालिकों या प्रकाशकों ने अब तक Press Sewa Portal पर मैप नहीं किया है।

  • प्रकाशन का Press Sewa Portal पर मैपिंग नहीं होना
  • वित्तीय वर्ष 2022-23 तक के बकाया जुर्माने का भुगतान लंबित होना
  • वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के Annual Statements दाखिल नहीं करना

⏳ प्रकाशकों को मिली 30 दिन की मोहलत

PRGI ने संबंधित प्रकाशकों को कार्रवाई से बचने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस अवधि में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

1️⃣ टाइटल मैपिंग

Press Sewa Portal पर अपने टाइटल की मैपिंग करनी होगी।

2️⃣ PCC जमा करें

Publication Continuity Certificate ऑनलाइन जमा करना होगा।

3️⃣ जुर्माना भरें

लंबित सभी जुर्माने का भुगतान करना होगा।

⚠️ समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं की तो क्या होगा?

एडवाइजरी के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले प्रकाशनों के खिलाफ Press and Registration of Periodicals Act, 2023 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

🚨 पहले निलंबन, फिर रद्द हो सकता है पंजीकरण

चरण 1 — पंजीकरण निलंबित

निर्देशों का पालन नहीं करने पर अधिनियम की धारा 11(2) के तहत संबंधित टाइटल का पंजीकरण पहले निलंबित किया जा सकता है।

चरण 2 — पंजीकरण रद्द

इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित प्रकाशन का पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

📢 किन प्रकाशकों को तुरंत ध्यान देना चाहिए?

PRGI की इस कार्रवाई से खास तौर पर उन प्रकाशकों पर असर पड़ सकता है, जिनके अखबार या पत्रिकाओं के टाइटल लंबे समय से निष्क्रिय हैं अथवा जिनके Annual Statements, PCC, टाइटल मैपिंग और अन्य नियामकीय औपचारिकताएं लंबित हैं।

⏰ 30 दिन की समयसीमा को गंभीरता से लें

संबंधित प्रकाशकों को अपनी स्थिति स्पष्ट कर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

महत्वपूर्ण: उपरोक्त जानकारी PRGI की बताई गई एडवाइजरी के आधार पर है। संबंधित प्रकाशक अपने टाइटल की वास्तविक स्थिति और लागू प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक PRGI/Press Sewa Portal पर अवश्य करें।
📰 PRGI की कार्रवाई से प्रकाशकों में हलचल | समय रहते पूरी करें जरूरी औपचारिकताएं

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