PRGI का बड़ा एक्शन: 8,564 अखबार और पत्रिकाओं पर रद्दीकरण का खतरा
प्रकाशकों को 30 दिन की मोहलत, पूरी करनी होगी जरूरी ऑनलाइन औपचारिकताएं
🔎 इन टाइटल्स पर क्यों हुई कार्रवाई?
PRGI के अनुसार, सूची में शामिल प्रकाशनों को उनके मालिकों या प्रकाशकों ने अब तक Press Sewa Portal पर मैप नहीं किया है।
- प्रकाशन का Press Sewa Portal पर मैपिंग नहीं होना
- वित्तीय वर्ष 2022-23 तक के बकाया जुर्माने का भुगतान लंबित होना
- वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के Annual Statements दाखिल नहीं करना
⏳ प्रकाशकों को मिली 30 दिन की मोहलत
PRGI ने संबंधित प्रकाशकों को कार्रवाई से बचने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस अवधि में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
Press Sewa Portal पर अपने टाइटल की मैपिंग करनी होगी।
Publication Continuity Certificate ऑनलाइन जमा करना होगा।
लंबित सभी जुर्माने का भुगतान करना होगा।
⚠️ समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं की तो क्या होगा?
एडवाइजरी के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले प्रकाशनों के खिलाफ Press and Registration of Periodicals Act, 2023 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
🚨 पहले निलंबन, फिर रद्द हो सकता है पंजीकरण
निर्देशों का पालन नहीं करने पर अधिनियम की धारा 11(2) के तहत संबंधित टाइटल का पंजीकरण पहले निलंबित किया जा सकता है।
इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित प्रकाशन का पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
📢 किन प्रकाशकों को तुरंत ध्यान देना चाहिए?
PRGI की इस कार्रवाई से खास तौर पर उन प्रकाशकों पर असर पड़ सकता है, जिनके अखबार या पत्रिकाओं के टाइटल लंबे समय से निष्क्रिय हैं अथवा जिनके Annual Statements, PCC, टाइटल मैपिंग और अन्य नियामकीय औपचारिकताएं लंबित हैं।
संबंधित प्रकाशकों को अपनी स्थिति स्पष्ट कर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
