MD ड्रग्स के साथ प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार, वडोदरा से लाकर भोपाल के क्लबों में करता था सप्लाई
अयोध्यानगर पुलिस की कार्रवाई, 10.83 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त; पुलिस का दावा—₹2 हजार प्रति ग्राम में खरीदकर ₹10 हजार तक में बेचता था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी को एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा गया। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
वडोदरा से भोपाल तक एमडी ड्रग्स की सप्लाई का दावा
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर गुजरात के वडोदरा से एमडी ड्रग्स लेकर भोपाल आता था। इसके बाद शहर के क्लबों और पॉश इलाकों में इसकी सप्लाई किए जाने का आरोप है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वडोदरा में आरोपी को ड्रग्स कौन उपलब्ध कराता था और भोपाल में उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि आरोपी वडोदरा से एमडी ड्रग्स करीब ₹2 हजार प्रति ग्राम की दर से खरीदता था और भोपाल में कथित ग्राहकों को इसे ₹10 हजार प्रति ग्राम तक में बेचता था।
क्लबों से पॉश कॉलोनियों तक कथित नेटवर्क
पुलिस के अनुसार आरोपी भोपाल के बड़े क्लबों के अलावा बावड़िया कलां, मीनाल रेसीडेंसी और इंद्रपुरी जैसे इलाकों में एमडी ड्रग्स की कथित सप्लाई करता था। पुलिस उसके संपर्कों और संभावित ग्राहकों के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले बावड़िया कलां क्षेत्र में एक फ्लैट में रहता था। कथित तौर पर पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने हाल ही में वह ठिकाना छोड़ दिया और अयोध्यानगर क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रहने लगा था।
अब सप्लायर और नेटवर्क की तलाश
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच का फोकस अब कथित ड्रग नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने पर है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वडोदरा से ड्रग्स की खेप किसके माध्यम से मिलती थी और भोपाल में इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी।
आरोपी के मोबाइल संपर्कों, लेन-देन और अन्य संभावित साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा सकती है। पुलिस के मुताबिक मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के दावों के मुताबिक मामला केवल एक आरोपी के पास ड्रग्स मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्य से भोपाल तक कथित सप्लाई नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है। ऐसे में जांच की अगली कड़ी सप्लायर और स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचना होगी।
