जबलपुर / मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने दायर याचिका में आदेश पारित किया | जबलपुर निवासी मुन्नालाल पटेल की ओर से न्यायालय में कलेक्टर जबलपुर द्वारा सीलिंग केस में पारित आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई है | याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने न्यायालय को बताया कि मूल रूप से प्रकरण 1990 से चल रहा है | विभिन्न न्यायालय से होते हुए प्रकरण पुनः 2024 में हाई कोर्ट में दायर किया गया है | पिछले दो वर्षों में पांच पेशियां में सरकार की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय लिया गया है तथा अब उन्हें समय न दिया जाए उक्त तत्वों को ध्यान में रखते हुए तथा शासकीय अधिवक्ता के निवेदन पर न्यायालय ने एक सप्ताह का अंतिम अवसर देते हुए ₹10 हजार की कॉस्ट लगाई है तथा यह ही स्पष्ट किया है कि यह 10 हजार की राशि ऑफिसर इंचार्ज से वसूली की जाए | उक्त राशि पब्लिक फंड से जमा न की जाए उक्त राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के खाते मे जमा करे | यदि उक्त राशि जमा नहीं की जाती है और जवाब पेश नहीं होता है तो अगली पेशी पर कलेक्टर जबलपुर को हाजिर होना पड़ेगा | उक्त मामला सीलिंग भूमि को लेकर है आवेदक की भूमि को सीलिंग अधिनियम समाप्त होने के बाद भी अभिलेख दुरुस्त नहीं किए गए हैं, जबकि सीलिंग अधिनियम समाप्त होने की दिनांक पर भूमि पर आवेदक का कब्जा था उसने मुआवजा नहीं लिया है तथा अधिनियम की धारा 4 के अनुसार उसका नाम सीलिंग प्रभावित खसरों से हटकर भूमि स्वामी के रूप में आवेदक का नाम दर्ज होना था अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय न्यायालय में बताया कि कानून के आदेश से उसकी जमीन परसरकार का नाम दर्ज चला आ रहा है जिससे आवेदक अपनी मर्जी अनुसार संपति का उपयोग नहीं कर पा रहा है |
जवाब पेश न करने पर कलेक्टर को उपस्थित होना होगा
byEditor In Chief- मो.अशफाक आरिफ़
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