जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर के न्यायाधीश जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह 17 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सम्मान में गुरुवार दोपहर 3:30 बजे मुख्य अदालत में फुल कोर्ट फेयरवेल आयोजित किया जाएगा। इसमें हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी शामिल होंगे।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की आधिकारिक रोस्टर सूची में जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह जबलपुर मुख्यपीठ में सिविल और क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।
1990 में सिविल जज से शुरू हुआ न्यायिक सफर
जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को अधीनस्थ न्यायपालिका में सिविल जज के रूप में अपने न्यायिक कॅरियर की शुरुआत की थी। विभिन्न न्यायिक पदों पर तीन दशक से अधिक समय तक सेवाएं देने के बाद वे हाईकोर्ट पहुंचे। उन्होंने 1 मई 2023 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।
अपने हाईकोर्ट कार्यकाल के दौरान उन्होंने सिविल और आपराधिक मामलों सहित विभिन्न प्रकृति के प्रकरणों की सुनवाई की।
53 न्यायाधीशों की स्वीकृत क्षमता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 53 है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के 1 जून 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उस समय हाईकोर्ट में 40 न्यायाधीश कार्यरत थे और 13 पद रिक्त थे। इससे पहले 6 मार्च 2026 को कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 42 थी। यानी जजों की संख्या समय के साथ नियुक्ति और सेवानिवृत्ति के कारण बदलती रही है।
जस्टिस सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद मौजूदा कार्यशील संख्या का सटीक आंकड़ा नवीनतम नियुक्तियों और अन्य सेवानिवृत्तियों के आधार पर तय होगा।
लंबित मुकदमों के बीच रिक्त पद महत्वपूर्ण मुद्दा
हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पदों का सीधा संबंध उपलब्ध न्यायिक क्षमता से है। बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों के बीच रिक्तियां बढ़ने से मौजूदा न्यायाधीशों पर कार्यभार और मामलों की लिस्टिंग को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड हाईकोर्टों में लंबित मामलों की निगरानी के लिए आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध कराता है।
ऐसे में न्यायाधीशों की नियुक्ति और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया विधिक समुदाय और वादकारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
