जबलपुर। कटनी के चर्चित जमीन सौदे और कथित पद के दुरुपयोग के मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका में पच्चीसिया ने उनके खिलाफ कटनी के कुठला थाने में दर्ज FIR को निरस्त करने और दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने की मांग की है। मामले की सुनवाई जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ में हुई।
जमीन सौदे को लेकर दर्ज हुई थी FIR
मामला कटनी के कन्हवारा क्षेत्र की एक जमीन के सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि करीब एक करोड़ रुपए मूल्य की बताई जा रही जमीन की रजिस्ट्री महज 18 लाख रुपए में कराई गई। इस मामले में नेहा पच्चीसिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में FIR दर्ज की गई है। आरोपों की जांच पुलिस और SIT द्वारा की जा रही है। पच्चीसिया ने आरोपों को चुनौती देते हुए FIR निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
जिला अदालत खारिज कर चुकी है अग्रिम जमानत
इससे पहले गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए पच्चीसिया ने कटनी जिला अदालत में अग्रिम जमानत आवेदन पेश किया था। 29 अगस्त 2026 को जिला अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
संपत्ति कुर्क करने की भी उठ चुकी है मांग
कटनी जिला न्यायालय में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में फरार आरोपियों को घोषित करने और उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की मांग भी की गई है। यह अभी शिकायतकर्ता पक्ष की मांग है, इस पर अंतिम न्यायिक निर्णय होना शेष है।
हाईकोर्ट के फैसले पर अब निगाह
हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखे जाने से अब इस बात पर निगाह है कि अदालत FIR में हस्तक्षेप करती है या जांच को जारी रहने देती है। जब तक हाईकोर्ट का आदेश नहीं आता, आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
