नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने संबंधी खबर को फिलहाल प्रकाशित करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। उपलब्ध आधिकारिक सरकारी स्रोतों की जांच में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस तरह के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि नहीं मिली है।
सरकारी रिकॉर्ड में EPF की वेतन सीमा ₹15,000 प्रतिमाह किए जाने का पुराना संशोधन सितंबर 2014 से लागू होने की पुष्टि होती है।
9 सितंबर की कैबिनेट ब्रीफिंग उपलब्ध, पर दावे की पुष्टि नहीं
PIB के रिकॉर्ड में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की 9 सितंबर 2026 की कैबिनेट ब्रीफिंग मौजूद है। लेकिन उपलब्ध आधिकारिक सर्च रिकॉर्ड में EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा ₹25,000 करने, 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने या इसके लिए ₹1,089 करोड़ अतिरिक्त वार्षिक खर्च की पुष्टि करने वाली सरकारी विज्ञप्ति नहीं मिली।
EPFO में हाल में हुए हैं दूसरे महत्वपूर्ण बदलाव
सरकार ने हाल के समय में EPFO से जुड़े कई बदलाव किए हैं। चार श्रम संहिताएं 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हुईं और सरकार के अनुसार EPFO के प्रावधान अब 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होते हैं।
इसके अलावा 2026 में EPFO ने VISHWAS और AMNESTY जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, लेकिन ये लंबित विवादों, अनुपालन और PF ट्रस्ट से जुड़े मामलों के लिए हैं।
अभी खबर में ₹25 हजार की सीमा को तथ्य के रूप में न लिखें
इसलिए मूल कॉपी में दिए गए ये दावे—₹25,000 नई वेतन सीमा, 51 लाख अतिरिक्त लाभार्थी, ₹1,089 करोड़ अतिरिक्त वार्षिक भार, ₹11,339 करोड़ कुल वार्षिक खर्च और पांच साल में ₹56,696 करोड़ व्यय—आधिकारिक अधिसूचना या कैबिनेट प्रेस रिलीज मिलने तक पुष्ट तथ्य के रूप में प्रकाशित नहीं किए जाने चाहिए।
