सेक्स रैकेट में पुलिस की मिलीभगत के संकेत, अधारताल टीआई को नोटिस, आरक्षक निलंबित

 



चार साल से चल रहा था देह व्यापार का नेटवर्क, यूपी-महाराष्ट्र से बुलाई जाती थीं युवतियां



जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र के सुहागी में संचालित सेक्स रैकेट मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधारताल थाना प्रभारी (टीआई) विपिन ताम्रकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि आरक्षक सतीश झारिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस की मिलीभगत की आशंका सामने आने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल के निर्देश पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि सेक्स रैकेट का नेटवर्क केवल जबलपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था। आरोप है कि इन राज्यों से युवतियों को बुलाकर सुहागी स्थित ठिकाने पर देह व्यापार कराया जाता था।

आरक्षक पर संरक्षण और अवैध वसूली के आरोप

पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि अधारताल थाने में पदस्थ आरक्षक सतीश झारिया इस पूरे अवैध कारोबार में सीधे तौर पर संलिप्त था। उस पर आरोप है कि वह अपनी वर्दी और पद का प्रभाव दिखाकर रैकेट संचालकों को संरक्षण देता था और बदले में उनसे मोटी रकम की वसूली करता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि निमेष विनोदिया के मकान में पिछले चार वर्षों से सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस दौरान और कौन-कौन लोग इस अवैध कारोबार से जुड़े रहे।

10 जुलाई को हुआ था भंडाफोड़

गौरतलब है कि 10 जुलाई को अधारताल पुलिस ने सुहागी स्थित सरस्वती कॉलोनी के पन्नी मोहल्ला में छापा मारकर सेक्स रैकेट का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान मकान मालिक निमेष विनोदिया, मुख्य संचालिका मंजू निखर, उसके पति मुकेश निखर और पुत्र आरुष निखर को गिरफ्तार किया गया था।

इसके अलावा मौके से अभय सिंह, सुबोध सिंह और संजय चौरसिया को ग्राहक के रूप में पकड़ा गया था। मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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