जबलपुर। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में प्रतिवर्ष संचालित होने वाले ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन सत्रों में विधि संकाय के विद्यार्थियों के लिये एक माह का इंटर्नशिप कराया गया। देश के प्रतिष्ठित विधि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत विधि संकाय के विद्यार्थियों को मानव अधिकार एवं आयोग की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न्न विधि विषयों पर प्रशिक्षण दिलाया गया।
इस अवधि में मुख्य रूप से
जबलपुर की धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी,
मंगलायतन यूनिवर्सिटी व अन्य के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह द्वारा उद्बोधन में उपस्थित विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए उन्हें पूर्ण लगन से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया।
प्रशिक्षण के एक माह के दौरान सभी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, राष्ट्रीय विधि संस्थान एवं अन्य विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न्न विधि विषयों पर एवं विभिन्न रिसोर्स पर्सन द्वारा प्रशिक्षण दिलाया गया। साथ ही भरत नोटिया, उप पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण सत्र समन्वयक) के तौर पर एवं संजय विश्वकर्मा, शोध अधिकारी द्वारा विद्यार्थियों को
अध्ययन भ्रमण कराते हुये उन्हें विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया तथा आयोग में प्राप्त शिकायतों पर होने वाली कार्यवाही का भी अध्ययन कराया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कुल 33 विद्यार्थियों को आयोग की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस आयोग के रजिस्ट्रार लॉ संदीप कुमार श्रीवास्तव (उच्च न्यायिक सेवा) एवं उप सचिव डी.एस. परमार (उच्च न्यायिक सेवा) द्वारा विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु बधाई दी गई।
कार्यक्रम के अंत में एक प्रशिक्षणार्थी देवांश मावली एलएलबी, द्वितीय वर्ष
द्वारा आभार-प्रदर्शन किया गया।
